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जेम्स बॉन्ड के थ्रिलर जैसी कहानी है हेलीकॉप्टर डील

Fri, 15 Feb 2013 03:15 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 15 Feb 2013 03:15 PM IST
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italian chopper deal just like james bond thriller story

वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील में विदेशी बिचौलियों की कहानी जेम्स बॉन्ड फिल्मों के थ्रिल जैसा अहसास पैदा करती है। हेलीकॉप्टर, हथियार, लड़कियां, तेज रफ्तार कारें और जासूस...!

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कहानी शुरू होती है करीब एक साल पहले जब इटली पुलिस को सौदे के इस अहम किरदार गुइडो राल्फ हैश पर शक हुआ। उसके पास पुलिस को नई चमचमाती कार ऑडी-6 नजर आई थी। यह बेहद महंगी कार थी। पुलिस ने जासूसों को हैश के पीछे लगा दिया।
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जासूस कई दिनों तक लगे रहे मगर कुछ हाथ नहीं लगा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। जब हैश स्विट्जरलैंड गया, तो जासूसों को मौका मिल गया। वह हैश कार से उतर कर कहीं गया तो जासूसों ने बगिंग मशीन (टेप) कार में लगा दी। इसके बाद तो जैसे थ्रिलर में एक के बाद एक राज तेज रफ्तार से उठते चले गए।
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जासूस और पुलिस यह जानकर हैरान रह गए कि हैश बड़ा दलाल है। उसके फोन पुलिस ने टैप कर लिए। अपने एक दोस्त जियावानी के बातचीत में हैश ने राज खोला कि मैंने भारत में एक सॉफ्टवेयर कंपनी ‘एरोमैट्रिक्स इन्फो सॉल्यूशंस’ खोली है जिसमें दो लोग और हैं।

ये थे : इटली का कार्लो गैरोसा और भारत का गौतम खेतान। हैश ने यह भी बताया कि इस कंपनी का सीईओ प्रवीण बख्शी को बनाया गया है। वही इसका काम देख रहा है।

गैरोसा से एक अन्य बातचीत में हैश ने बताया था कि हेलीकॉप्टर डील से जुड़े दस्तावेज उसने अपनी मां के घर में छुपा कर रखे हैं। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। गैरोसा ने तब पूछा था कि सौदे से जुड़ी गोपनीयताओं की बात क्या उसने खेतान को बता दी है, तब हैश ने कहा कि नहीं। खेतान और बख्शी को शक हो गया है कि कुछ गड़बड़ी जरूर है। लेकिन उन्हें खुल कर बताया नहीं जा सकता।

दलाली के दागी
गुइडो राल्फ हैशः स्विस कारोबारी और हथियार एजेंट। चंडीगढ़ स्थित कंपनी एरोमेट्रिक्स इन्फो सॉल्यूशंस का निदेशक। उसकी बातचीत टैप होने के बाद ही हुआ मामले का खुलासा

गियूसेप्पे ओरसीः फिनमेकानिका के सीईओ और चेयरमैन। मंगलवार को हुई गिरफ्तारी

कार्लो गैरोसाः एरोमेट्रिक्स इन्फो सॉल्यूशंस में हैश का साथी।

ब्रूनो स्पैगनोलिनीः
अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ। इटली में नजरबंद किया गया। हेलीकॉप्टर सौदा हासिल करने में अहम थी भूमिका।

क्रिश्चियन माइकलः स्विस कारोबारी और हथियार एजेंट। अगस्ता वेस्टलैंड के कंसल्टेंट के तौर पर दलाल की भूमिका निभाई और त्यागी बंधुओं और पूर्व सेना प्रमुख से बातचीत की

प्रवीन बख्शीः एरोमेट्रिक्स इन्फो सॉल्यूशंस के सीईओ। संवाद में उनका नाम सामने आया।

जूली, डोक्सा और संदीप त्यागीः पूर्व सेना प्रमुख एसपी त्यागी के रिश्तेदार इन तीनों त्यागी बंधुओं की मामले में अहम भूमिका। इटली के जांचकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक दलाली का एक हिस्सा उनकी जेबों में गया।

पूर्व सेना प्रमुख एसपी त्यागीः इटली के जांचकर्ताओं का दावा, पूर्व सेना प्रमुख को भी सौदे में रिश्वत दी गई। लेकिन त्यागी ने आरोपों को नकारा।

कैसे हुआ रिश्वत का लेनदेन
हेलीकॉप्टर सौदे की जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस दलाली की रकम कई हाथों से होकर गुजरी। ट्यूनीशिया और भारत की कंपनियों और लोगों के नाम पर रकम का लेनदेन हुआ। जांच में कुछ यूं जुड़े रकम के लेनदेन के तार।


- फिनमेकानिका के सीईओ ग्यूसेप्पे ओरसी और अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ ब्रूनो स्पैगनोलिनी ने 2.89 करोड़ रुपये सौदा हासिल करने के लिए घूस में दिए
- बिचौलियों गुइडो राल्फ हैश और कार्लो गैरोसा ने इस रकम में से 72.39 लाख रुपये सौदा त्यागी बंधुओं को नकद दिए। दलाली की बाकी रकम इंजीनियर कांट्रैक्ट के नाम पर आईडीएस इंडिया और आईडीएस ट्यूनीशिया के जरिए देना तय हुआ

-4.6 करोड़ रुपये 2007 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस इंडिया को दिए गए।
-7 करोड़ रुपये 2008 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस इंडिया को दिए गए।
-9.5 करोड़ रुपये फिर 2008 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस ट्यूनीशिया को दिए गए।
-3.6 करोड़ रुपये 2009 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस इंडिया को दिए गए।
-39.3 करोड़ रुपये 2009 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस ट्यूनीशिया को दिए गए।
-16 लाख रुपये 2010 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस इंडिया को दिए गए।
-44.3 करोड़ रुपये 2010 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस ट्यूनीशिया को दिए गए।
-46.2 करोड़ रुपये 2011 की फर्जी देनदारी के लिए आईडीएस ट्यूनीशिया को दिए गए।

इस तरह करीब 158 करोड़ रुपये की रकम 2007 से 2011 तक फर्जी देनदारियों के लिए इन कंपनियों को दी गई।

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