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114 साल में तीसरी बार हुआ ऐसा

Tue, 01 Jul 2014 11:51 AM IST
Updated Tue, 01 Jul 2014 11:51 AM IST
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It was the third time in 114 years

इस साल मानसून की बेरुखी ने जून में बारिश के लिए तरसा दिया। पिछले 114 वर्षों के इतिहास में यह तीसरा ऐसा मौका है, जब जून में इतनी कम बारिश देखने को मिली है।

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महीने भर मानसून का इंतजार चलता रहा, लेकिन सिर्फ 92.4 मिमी बारिश ही नसीब हुई। यह सामान्य से 43 फीसदी कम है। वर्ष 1901 से अब तक सिर्फ दो बार जून में इतनी कम बारिश हुई है।
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हालांकि, मौसम विभाग ने जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद जताई है। लेकिन खुद मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 100 वर्षों में इक्का-दुक्का मौकों पर ही जून में इतनी कम बारिश के बाद मानसून सामान्य रहा है।

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वर्ष 2009 में पड़ा था सूखा

It was the third time in 114 years

इस साल वर्ष 2009 के बाद जून में सबसे कम बारिश हुई है। जून, 2009 में 85.7 मिमी बारिश हुई थी और उस साल भयंकर सूखा पड़ा। इससे पहले 1905 में भी 88.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

इन दोनों मौकों के अलावा कभी जून में इतनी कम बारिश नहीं हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 36 भौगोलिक इलाकों में 34 इलाके बारिश की किल्लत से जूझ रहे हैं।

देश का अनाज भंडार भरने वाले उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से 55 फीसदी और मध्य भारत में सामान्य से 61 फीसदी कम बारिश हो पाई है।

गुजरात, महाराष्ट्र पर सबसे ज्यादा मार

It was the third time in 114 years

सूखे की आशंका को नकार रहे मौसम विभाग और सरकार की नींद जून के कमजोर मानसून ने उड़ा दी है। गुजरात में सामान्य से 91 फीसदी और मराठवाडा में सामान्य से 79 फीसदी कम बारिश हुई है।

यही हाल पश्चिमी यूपी और पंजाब का है। यहां सामान्य से 69 और 51 फीसदी कम बारिश रही।

पिछले करीब सौ साल में इक्का दुक्का मौकों पर ही जून में बेहद कम बारिश के बाद हालात सामान्य हुए हैं। 1926 में जून में सामान्य से 48 फीसदी कम बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त में सामान्य से 33 फीसदी ज्यादा बारिश ने सूखे का संकट टाल दिया। लेकिन वर्ष 2009 और 1905 में जब जून बेहद सूखा रहा तब जुलाई-अगस्त में भी स्थिति नहीं सुधरी।

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