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मिलिए उस शख्स से जिसने उठवाई थी इंदिरा की कार

Tue, 03 Feb 2015 03:00 PM IST
Updated Tue, 03 Feb 2015 03:00 PM IST
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Meet the super cop who actually towed Indira's car

किरण बेदी ने चंद दिनों पहले एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि 1982 में इंदिरा गांधी की कार उन्होंने नहीं बल्कि ट्रैफिक पुलिस के सबइंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने उठवाई थी। उन्होंने बताया कि निर्मल सिंह बाद में अतिरिक्त पुलिस कमीश्नर होकर सेवानिवृत्त हुए।

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उस स्वीकृति से पहले बेदी कई मंचों पर ये दावा कर चुकी थीं कि इंदिरा गांधी की कार उन्होंने ही उठवाई। ट्विटर पर अपने परिचय तक में वाकये पर जिक्र किया था। हालांकि खुलासे के बाद ये सवाल भी उठा कि निर्मल सिंह किरण बेदी को श्रेय क्यों लेने दिया? उन्होंने कभी कोई टिप्पणी क्यों नहीं की?
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एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में निर्मल सिंह ने ऐसे ही सवालों का जवाब दिया है। निर्मल सिंह दो साल पहले ही एसीपी के पद से रिटायर हुए हैं।

इंटरव्यू में उन्होंने उस वाकये का पूर ब्योरा भी दिया। निर्मल ने बताया कि वो उस दिन कनॉट प्लेस में ड्यूटी पर तैनात थे और इंदिरा गांधी के काफिले की गाड़ी यातायात को बाधा पहुंचा रही थी इसलिए उन्होंने उस गाड़ी को क्रेन मंगवाकर उठवाया था। इस गाड़ी पर महज 100 रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

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क्या था पूरा मामला

Meet the super cop who actually towed Indira's car

निर्मल सिंह ने बताया, "इस घटना वाले दिन मैं जैसे ही कनॉट प्लेस पहुंचा मैने देखा कि एक गाड़ी रास्ते में खड़ी थी। जो कि सीपी के यातायात को बाधित कर रही थी। हालांकि मैने इस गाड़ी के ड्राइवर से, जो कि एक दुकान पर खड़ा था से गाड़ी को वहां से हटाने को भी कहा था। मैने उससे यह भी कहा था कि वो गाड़ी हटा ले वर्ना वो उसे उठवा लेंगे। उसने इसके बावजूद गाड़ी नहीं उठाई और उसने पीएम का नाम लेकर धमकी भी दी। इसके बाद मैने गाड़ी उठवा ली।"

सिंह ने बताया कि नियमों के मुताबिक विभागीय कार्यवाही होनी थी, लेकिन इस मामले की फाइल किरण बेदी के पास गई और उन्होंने इस मामले में मेरा साथ दिया।

सिंह ने यह भी बताया कि किरण ने इस मामले का कोई श्रेय नहीं लिया। उन्होंने कहा, "बेदी ने यह क्रेडिट नहीं लिया उन्होंने इसका श्रेय पुलिस को दिया।"

बेदी और सिंह के बयानों में अंतर

Meet the super cop who actually towed Indira's car

इस पूरे मामल में बेदी और सिंह के बयानों में काफी अंतर है। जहां एक ओर किरण बेदी का कहना है कि उस दिन जो गाड़ी उठाई गई थी वो पीएमओ हाउस की थी, लेकिन सिंह का कहना है कि वह कार प्रधानमंत्री से संबंधित थी।

सिंह ने बताया कि एक वक्त था जब इंदिरा गांधी उस गाड़ी में सफर किया करती थीं, चूकिं उसकी तैनाती यातायात विभाग में थी इसलिए वह यह बात जानता था। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी निर्मल सिंह को अब भी उस गाड़ी का नंबर बखूबी याद है। गाड़ी का नंबर था DHD1817।

सिंह ने बताया कि इस गाड़ी उठवाने के प्रकरण के बाद एक महीने के भीतर उनका तबादला किया जाना था और बेदी ने नियमों के मुताबिक ऐसा ही किया।

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