उधर टीम जीती, इधर नई मुश्किल में फंसे धोनी
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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों अजीबोगरीब मुश्किलों से जूझ रहे हैं। हाल में आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर उनका नाम सुप्रीम कोर्ट में उछला।
अभियोजन पक्ष के वकील ने यहां तक कह दिया कि धोनी ने झूठ बोला था। एक बार लगा कि आगामी आईपीएल में धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स पर बैन लग सकता है। लेकिन अगले रोज उन्हें कुछ राहत मिली।
बीसीसीआई ने धोनी का बचाव किया और कोर्ट ने साफ कर दिया कि आगामी आईपीएल या किसी टीम पर कोई पाबंदी नहीं लगने जा रही। लेकिन एक मुसीबत से पीछा छूटा ही था कि कैप्टन कूल अब नई मुश्किल में फंस गए लगते हैं। इन दिनों उनके ग्रह शायद ठीक नहीं चल रहे। मैदान पर जीत मिल रही है और मैदान से बाहर विवाद। पढ़िए नया मामला क्या है।
इनकम टैक्स विभाग के लपेटे में
स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में घिरे महेंद्र सिंह धोनी अब आय कर विभाग की जांच के कारण दिक्कत में पड़ सकते हैं। एक कंपनी की ओर से उनके नाम पर कुछ चेक जारी किए गए थे, जिन पर विभाग की टेढ़ी नजर पड़ गई है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आईटी विभाग की रांची यूनिट रियल्टी समूह आम्रपाली के चेयरमैन अनिल शर्मा की ओर से धोनी को जारी 75 करोड़ रुपए के चार पोस्ट-डेटेड चेक पर बनने वाले टैक्स को लेकर जांच कर रहा है।
कारोबारी साल 2011-2012 में जारी ये चेक 2014 में भुनाए गए। धोनी आम्रपाली समूह के ब्रांड एम्बेसेडर हैं, जबकि उनकी पत्नी साक्षी सिंह रावत के पास आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में 25 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कंपनी और भारतीय कप्तान का संयुक्त उपक्रम यानी जेवी है।
धोनी ने किया टिप्पणी से इनकार
आम्रपाली के सूत्रों का कहना है कि आय कर विभाग ने कंपनी के ब्योरे में जानकारी मांगी है। दरअसल, मीडिया में खबरें आने और पिछले साल अगस्त में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आम्रपाली समूह के दफ्तरों पर मारे गए छापों के बाद यह कार्यवाही की जा रही है।
कंपनी के अधिकारियों ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि उन्हें सवाल-जवाब के लिए बुलाया गया था और यह जांच रांची यूनिट की तरफ की जा रही है, जहां धोनी असेसी हैं।
जल्द ही इन चेक को लेकर धोनी से संपर्क साधा जा सकता है। इन दिनों बांग्लादेश में टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप खेल रहे धोनी से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
धोनी, आम्रपाली की अलग-अलग सफाई
हालांकि, धोनी के प्रवक्ता और आम्रपाली समूह ने इन चेक पर अलग-अलग स्पष्टीकरण दिया है। धोनी के प्रवक्ता का कहना है कि यह आम्रपाली माही डेवलपर्स में धोनी की ओर से किए गए निवेश पर दी गई 'सिक्योरिटी' है।
आम्रपाली समूह का कहना है कि यह पैसा आम्रपाली माही डेवलपर्स की ओर से रांची में बनाई जा रही क्रिकेट एकेडेमी के लिए 'आश्वासन और प्रतिबद्धता' के रूप में दिया गया। और धोनी ने ये चेक लौटा भी दिए हैं।
रियल्टी समूह के प्रवक्ता ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि ये चेक धोनी के नाम पर क्यों जारी किए गए, जबकि आम्रपाली माही डेवलपर्स के नाम पर जारी होने चाहिए थे।
राजनीति में उतरे आम्रपाली समूह के चेयरमैन
धोनी के प्रवक्ता अरुण पांडे ने मैसेज के जरिए बताया, "मुझे एम एस धोनी के वित्तीय मामलों की जानकारी नहीं है, लेकिन जहां तक मुझे जानकारी है, अनिल शर्मा ने ये चेक धोनी को आम्रपाली समूह में उनके निवेश के बदले सिक्योरिटी के रूप में दिए थे।"
धोनी के करीबी सहयोगी पांडे की ऋति स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में बहुमत हिस्सेदारी है, जो धोनी के एंडोर्समेंट का जिम्मा संभालती है। धोनी का पहले ऋति स्पोर्ट्स में 15 फीसदी हिस्सा था।
दिलचस्प है कि धोनी का अब क्या होगा? रियल्टी ग्रुप का कहना है कि आम्रपाली समूह के चेयरमैन अनिल शर्मा जेडीयू के टिकट पर जहानाबाद से लोकसभा चुनाव भी लड़ रहे हैं।