फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   it dept detects alleged tax evasion in nitin gadkari purti group transactions

गड़करी के पूर्ति ग्रुप में 7 करोड़ की टैक्स चोरी का आकलन

Sun, 05 May 2013 11:31 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Sun, 05 May 2013 11:31 PM IST
विज्ञापन
it dept detects alleged tax evasion in nitin gadkari purti group transactions

आयकर विभाग ने भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी के पूर्ति ग्रुप में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब सात करोड़ की टैक्स चोरी का आकलन किया है।

विज्ञापन


पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड (पीपीएसएल) पर आर्थिक लेन देन में गड़बड़ी के आरोपों की जांच पिछले साल से चल रही है। इसी मुद्दे पर गडकरी अपनी अध्यक्ष पद की कुर्सी गंवा चुके हैं। और उन्हें पार्टी ने दोबारा अध्यक्ष भी नहीं बनाया।
विज्ञापन


विभाग ने अपनी जांच के दौरान आकलन लगाया है कि पिछले दो वित्तीय वर्ष के दौरान ग्रुप में करीब 7 करोड़ रुपए का टैक्स नहीं दिया गया।

पूर्ति ग्रुप ने हालांकि कहा है कि उसे इस तरह के आकलन और गड़बड़ी के संबंध में किसी तरह का नोटिस विभाग की तरफ से नहीं मिला है। और वैसे नोटिस किसी तरह की गड़बड़ी का सूचक भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रुप ने कहा कि गडकरी पिछले दो साल से ग्रुप से अलग हैं। मीडिया में आयकर विभाग की तरफ से टैक्स चोरी के संबंध में ग्रुप को नोटिस मिलने की खबर है।

इस पर ग्रुप के पीआरओ नितिन कुलकर्णी ने कहा कि पूर्ति ग्रुप और उससे संबंधित किसी भी कंपनी को इस तरह का नोटिस नहीं प्राप्त हुआ है। अगर किसी प्रकार की नोटिस मिलेगी तो हमारे एमडी सुधीर दिवे कंपनी के कर सलाहकारों से बातचीत कर उसका उचित जवाब देंगे।


कर आकलन की नोटिस एक नियमित प्रक्रिया होती है। इसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्ति ग्रुप पर विभिन्न स्तरों पर आरोप हैं, जिनका उचित जवाब दिया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि पूर्ति ग्रुप से संबंधित सभी कंपनियों के आर्थिक लेन देन का आकलन और वित्तीय गड़बड़ी की जांच वर्ष के अंत तक पूरी हो सकेगी।

कर चोरी की आकलन रिपोर्ट आयकर विभाग की मुंबई, पुणे और नागपुर यूनिट द्वारा जांचें गए कंपनी के दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। पिछले साल आयकर विभाग ने पूर्ति ग्रुप के कई ठिकानों पर छापे भी मारे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed