{"_id":"8f7dbcf7afa0f24f6a21434ad43c30db","slug":"isro-preparations-gslv-mission-after-mars-orbiter-mission","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंगलयान के बाद अब GSLV की बारी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मंगलयान के बाद अब GSLV की बारी
एजेंसी/बंगलूरू
Updated Tue, 05 Nov 2013 07:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगल मिशन की सफलतापूर्वक लांचिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन के साथ जीएसएलवी के उड़ान परीक्षण की भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विज्ञापन
आगामी 15 दिसंबर को इसका प्रक्षेपण किया जा सकता है। इसकी सफलता से प्रक्षेपण के मामले में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
इसरो प्रमुख के राधाकृष्णन ने कहा, ‘जीएसएलवी को लेकर हमने अपने सभी प्रयास करने शुरू कर दिए हैं। श्रीहरिकोटा में जीएसएलवी को लेकर तैयारियां चल रही हैं। यह 18 अक्तूबर को शुरू हो गया था। अब 15 दिसंबर को लांच किया जाएगा।’
विज्ञापन
तस्वीरों में:- आसमान पर छलांग, अब मंगल दूर नहीं
इस स्वेदशी क्रायोजेनिक इंजन का सबसे पहली बार परीक्षण 15 अप्रैल, 2010 को किया गया था, लेकिन वह विफल रहा था।
इस साल 19 अगस्त को इसरो ने एक और प्रयास किया था, लेकिन 10 दिन पहले ही रॉकेट के दूसरे हिस्से में रिसाव की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था।
जीएसएलवी एक तीन चरण का विमान है। यह 49 मीटर लंबा और 414 टन वजनी है।