इस्राइल के सहयोग से मोदी के मेक इन इंडिया को लगेंगे पंख
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया को इस्राइल के सहयोग से पंख लगने वाले हैं। कृषि तकनीक और उपकरणों के क्षेत्र में इस्राइल भारत में निर्माण का पक्षधर है।
इस बाबत दोनों देशों में सहमति बन रही है। इस्राइल के कृषि मंत्री उरी येहुदा एरियल हाकोहेन अप्रैल में भारत के दौरे पर पहुंच रहे हैं।
इस दौरान दोनों देशों के बीच कृषि तकनीक के क्षेत्र में सहयोग का नया अध्याय शुरू हो सकता है। फिलहाल भारत में इस्राइल के 10 कौशल केंद्र कार्यरत हैं।
28 नए कृषि कौशल केंद्र खोले जाएंगे
इस्राइल की ओर से उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 28 नए कृषि कौशल
केंद्र खोले जाएंगे। इस्राइली कृषि मंत्री ने औपचारिक बातचीत में बताया कि
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू भारत के साथ बिना किसी बंदिश के
लोगों के आने-जाने की सुविधा और मुक्त व्यापार चाहते हैं।
इस्राइल
के लिए रिश्तों के लिहाज से भारत दुनिया का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण देश है।
यहां से उपकरणों को वहां ले जाने के बजाय भारत में ही निर्माण पर भी विचार
किया जा रहा है।
इस्राइल ने कम समय में तमाम चुनौतियों के बावजूद खेती के
क्षेत्र में बेमिसाल सफलता हासिल की है। वह भारत के साथ अपने
अनुभवों को साझा कर तकनीकी सहयोग करना चाहता है।
सहयोग को मिलेगा नया मुकाम
कृषि कौशल केंद्रों में
इस्राइली विशेषज्ञ भारतीय विशेषज्ञों को खेती में कम लागत से अधिक फायदा
हासिल करने का गुर सिखाते हैं और अब इस सहयोग को नया मुकाम मिलने वाला है।
कृषि मंत्री उरी एरियल ने कहा कि हरियाणा के करनाल, महाराष्ट्र और भारत
के 10 राज्यों में भारतीय किसानों के साथ इस्राइली विशेषज्ञों ने स्थानीय
जरूरतों के हिसाब से कृषि तकनीक को साझा किया है। यह सिलसिला अब और आगे
बढ़ने वाला है। कृषि के क्षेत्र में इस्राइल काफी आगे है।
गुणवत्ता के साथ
मात्रा बढ़ाने में इस्राइली सफलता भारत के लिए भी उपयोगी होगी। इस्राइल ने
दुग्ध उत्पादन में भी सफलता के झंडे गाड़े हैं। अब इस क्षेत्र में हरियाणा
में इस्राइल के सहयोग से नया डेयरी फार्म विकसित किया जाएगा। भारतीय कृषि
मंत्री राधामोहन सिंह का भी इस्राइल दौरा आने वाले दिनों में संभव है।