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भारतीय उपमहाद्वीप पर कब्जे की फिराक में IS

Tue, 11 Aug 2015 12:57 PM IST
Updated Tue, 11 Aug 2015 12:57 PM IST
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Islamic State eyes to rule over India by 2020

दुनिया भर में अपनी बर्बरता के लिए कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का अब एक और दुस्साहस सामने आया है। यह खूंखार आतंकी संगठन अगले पांच सालों में पूरे भारतीय उपमहाद्वीप समेत दुनिया के ज्यादातर हिस्सों पर पर कब्जा जमाने की फिराक में है।

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आतंकी संगठन ने 2020 तक भारतीय उपमहाद्वीप के अलावा मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका और यूरोप के कई हिस्सों तक अपनी जड़ें जमाने की योजना बनाई है जहां वह अपनी खिलाफत का परचम लहराना चाहता है।
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यह खुलासा हुआ है एक किताब से, जिसमें आईएस की इस योजना के साथ-साथ बाकायदा इस बारे में एक नक्शा भी दिया गया है।

ब्रिटिश वेबसाइट मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस इन देशों की ओर रुख करने की योजना बना रहा है, ताकि अगले पांच सालों में खिलाफत का विस्तार किया जा सके।
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आतंकी संगठन की योजना पश्चिम में स्पेन से लेकर पूर्व में चीन तक के क्षेत्रों पर अपना कब्जा जमाने की है। बीबीसी रिपोर्टर एंड्रयू हॉस्कन ने अपनी नई किताब ‘अंपायर ऑफ फीयर: इनसाइड द इस्लामिक स्टेट’में आईएस का यह नक्शा दिया है, जिसमें कहा गया है कि आईएस विश्व के अधिकांश इलाकों पर कब्जा जमाना चाहता है, ताकि वह इस्लामी दुनिया कायम कर सके।

भारतीय उपमहाद्वीप का नाम रखा खुरासान

Islamic State eyes to rule over India by 2020

नक्शे में भारतीय उपमहाद्वीप का नाम खुरासान दिया है। जबकि यूरोप के जिन इलाकों में आईएस कब्जा जमाना चाहता है, उसका नाम वह अंदालुस दिया गया है, जो एक अरबी शब्द है, जिसे आठवीं से 15वीं सदी के बीच मुस्लिम कबायली लोगों (मूर्स) द्वारा कब्जा कर लिया गया था।

एंड्रयू ने अपनी किताब में कहा है कि मूल तौर पर इस आतंकी संगठन का संस्थापक अबू मुसाब अल जरकावी था, जिसके संगठन को बाद में आईएस नाम दिया गया। जरकावी ने 1996 में ही सात स्तरीय कार्यक्रम की योजना बनाई थी, जिसमें 2020 तक दुनिया के ज्यादातर हिस्सों पर राज कायम करने का जिक्र किया गया था।

20 साल पहले ही बनाई गई इस योजना के तहत वर्ष 2,000 से 2003 के बीच अमेरिका के खिलाफ युद्ध का ऐलान और 2010 से 2013 के बीच अरब देशों में शासकों के खिलाफ क्रांति का आगाज भी प्रमुख है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईएस के इस वक्त 50,000 सदस्य हो चुके हैं और उसकी कुल संपत्ति तकरीबन दो अरब पाउंड है। यह जमा पूंजी उसने इराक और सीरिया के अपने कब्जे वाले क्षेत्र में तेल और गैस के भंडारों से जुटाई है।

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