काले धन से सबसे अमीर संगठन बना आईएस
इराक और सीरिया समेत दुनिया भर में दहशत फैलाने वाला इस्लामिक स्टेट अपनी काली कमाई के जरिए दुनिया का सबसे अमीर आतंकी संगठन बन गया है।
यह संगठन काला बाजारी के जरिए तेल बेचकर, फिरौती और जबरन वसूली करके हर महीने करोड़ों डॉलर कमा रहा है। अमेरिका में आतंकवादी और वित्तीय खुफिया मामलों के उप वित्त मंत्री डेविड कोहेन ने इसकी जानकारी दी है।
उनके मुताबिक, इस्लामिक स्टेट इस साल की शुरुआत में इराक और सीरिया में अपने कब्जा किए गए क्षेत्र से सिर्फ कच्चा तेल बेचकर रोजाना 10 लाख डॉलर की कमाई कर रहा है। इसने दूसरे आतंकी संगठनों की तुलना में बहुत तेजी से धन कमाया है और यह पूंजी प्रवाह पर रोक लगाने पर काम करने वाले अमेरिका और उसके सहयोगियों को चुनौती दे रहा है।
कोहेन ने कहा कि हमारे पास ऐसी कोई जादुई गोली या रहस्यमयी हथियार नहीं है, जिससे इस्लामिक स्टेट के खजाने को रातों-रात खाली किया जा सके। यह एक काफी लंबी लड़ाई होगी और हम अभी शुरुआती चरण में हैं। कोहेन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने वाली ओबामा प्रशासन की अधिकारियों की टीम में शामिल हैं और इसके लिए सभी देशों से गठबंधन चाहते हैं। इनमें खाड़ी देश भी शामिल हैं।
रोजाना बेच रहा 50,000 बैरल तेल
कॉर्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के उपाध्यक्ष मारवान मुआशर ने कहा कि इस्लामिक स्टेट को इस समय दुनिया का सबसे अमीर और वित्तीय प्रबंधन के मामले में सबसे ज्यादा जानकार आतंकी संगठन माना जा रहा है। यह रोजाना 50 हजार बैरल तेल बेच रहा है। इसके खरीददारों में इराक के कुर्द लड़ाके भी शामिल हैं। इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में शामिल सीरिया के बशर-अल असद प्रशासन ने भी कथित तौर पर इससे तेल खरीदने की व्यवस्था कर ली है।
अल कायदा से अलग रणनीति
धन उगाही के मामले में इस्लामिक स्टेट की रणनीति अल कायदा से बिल्कुल अलग है। यह अल कायदा की तरह अपने अधिकतर फंड के लिए खाड़ी देशों के अमीर दानदाताओं या प्रायोजकों पर निर्भर नहीं है। अल कायदा इनके जरिए बड़े पैमाने पर धन उगाही करता है।
हेगल ने कहा, अमेरिकी रणनीति कारगर
अमेरिका के रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट को हराने और खत्म करने रणनीति कारगर साबित हो रही है। हालांकि उन्होंने चेताया कि इस्लामिक स्टे के खिलाफ यह लड़ाई ‘मुश्किल और उलझी’ हुई होगी। हेगल ने कहा, ‘हम मानते हैं कि हमारी रणनीति काम कर रही है। इराक में जो प्रगति हुई है, वह मिली जुली है। हकीकत यह है कि इस्लामिक स्टेट का इराक में बड़े हिस्से पर कब्जा रहा है और अभी भी है।’ हेगल ने आईएस के खिलाफ अमेरिकी नीति में किसी भी बदलाव से इनकार किया।