कांठ: BJP के UP सरकार पर गंभीर आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांठ में एकपक्षीय कार्रवाई पर भड़के भाजपा सांसदों का कहना है कि प्रदेश में संविधान का राज नहीं इस्लामिक सरकार है जो अपने वोट बैंक की खातिर कदम - कदम पर बहुंसख्यकों की धार्मिक भावनाओं को कुचल रही है। सांसदों ने गृह मंत्रालय को भी कांठ के ताजा हालात और एक वर्ग के उत्पीड़न की जानकारी दी है।
अमरोहा सांसद कंवर सिंह तंवर का कहना है कि यूपी में कतई नहीं लगता कि सरकार भारत के संविधान के मुताबिक चल रही है बल्कि यहां तो इस्लाम का राज नजर आता है। बोले, सरकार ने अंदरखाने ये आदेश सभी डीएम एसएसपी को दे रखा है कि प्रदेशभर में मंदिरों से लाउडस्पीकर उतार दिए जाएं और आरती तभी हो जब उस गांव में रहने वाले मुसलमान इसकी लिखित अनुमति दें, नहीं तो आरती न होने दी जाए।
भाजपाइयों से मिलने जेल पहुंचे सर्वेश
सांसद सत्यपाल सैनी का कहना है कि आखिर क्यों अजान के वक्त मंदिरों के लाउडस्पीकर बंद किए जाएं, क्यों आरती बंद कर दी जाए। सभी को अपने धर्म के मुताबिक पूजा अर्चना करने का बराबर अधिकार है फिर जुल्म केवल बहुसंख्यकों पर क्यों। बोले, अत्याचार से पब्लिक कराह रही है तुष्टिकरण ही इस सरकार को ले डूबेगा और सपा का नाम मिटा देगा। संभल सांसद ने गृह मंत्री को जेल में बंद भाजपाइयों का दर्द भी बयां किया है।
सांसद सर्वेश सिंह ने शुक्रवार शाम को अपने समर्थकों के साथ जेल पहुंचकर कांठ बवाल में बंद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि हाईकोर्ट में पैरवी के लिए उन्होंने अच्छे वकीलों की व्यवस्था की है, कानूनी लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी। इस दौरान सांसद के साथ धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, संजय कट्टा, सुरेंद्र विश्नोई, रामजी राय आदि थे।
भाजपाइयों को रोकने के लिए फिर तैयारी
भाजपाइयों के 26 तारीख को कांठ में संभावित प्रदर्शन को देखते हुए फिर अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी। डीआईजी ने एसएसपी को निर्देश दिए हैं। हालांकि अब तक प्रदर्शन के लिए अब तक अनुमति नहीं मांगी गई है।
अकबरपुर चैदरी गांव में मंदिर से लाउडस्पीकर उतारे जाने के बाद कांठ में दो बार बवाल हो चुका है। पुलिस ने करीब 79 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। चार जुलाई के बवाल के बाद अफसर भाजपाइयों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं। बुधवार को कुछ भाजपा नेताओं ने अफसरों से वार्ता भी की थी। अब भाजपा ने 26 तारीख को कांठ में फिर प्रदर्शन की तैयारी की है। लिहाजा अफसर पहले से तैयारी कर रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि अभी तक किसी ने अनुमति नहीं मांगी है। 26 जुलाई को अभी कई दिन हैं। इससे पहले तैयारी कर ली जाएगी। उधर, डीआईजी ने कहा कि भाजपा नेताओं से वार्ता करके उन्हें समझा लिया जाएगा। क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है।