जेहादी नहीं खूनी है आईएस की हरकत: ओवैसी
अपने भड़काऊ भाषणों के लिए अक्सर विवादों में रहने वाले ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम) के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पुणे में बुधवार को संयमित नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) का इस्लाम से कुछ भी लेना-देना नहीं है, इसलिए उसकी आदतें जिहादी नहीं खूनी हैं।
उन्होंने मुस्लिम युवकों को सावधान करते हुए यह भी कहा कि वे आईएस से दूर ही रहें। ओवैसी ने कहा सुशिक्षित मुसलमानों को इस बारे में युवकों का मार्गदर्शन करना चाहिए। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि जिहाद का मतलब खून करना नहीं है।
यदि मुस्लिम युवकों को जिहादी बनना है तो उन्हें गरीब बस्तियों में जाकर अशिक्षित बच्चों को रोज एक घंटा पढ़ाना चाहिए। ओवैसी ने ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खिंचाई की।
जेहादी बनना है तो गरीब बच्चों को पढ़ाएं युवा
उन्होंने कहा कि इस नारे की बदौलत भाजपा ने सत्ता जरूर हासिल की लेकिन महज दो महीने में ही उसके सहयोगी संगठनों के कार्यों से सरकार के इस नारे की पोल खुल गई।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि वार्षिक बजट में मुस्लिमों के कल्याण के लिए तीन हजार करोड़ का प्रावधान किया जाए।
ओवैसी ने रैली में संजय दत्त पर साधा निशाना
ओवैसी ने पुणे के कौसरबाग हाल में मुस्लिम आरक्षण परिषद को संबोधित करते हुए फिल्म अभिनेता संजय दत्त पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दत्त को जेल में विशेष सुविधा दी जाती है, जबकि मुस्लिम युवाओं को बिना सबूत के जेल में सड़ाया जा रहा है। जेल में बंद जिन मुस्लिम युवाओं के खिलाफ अपराध के कोई सबूत नहीं हैं, उन्हें क्यों नहीं रिहा किया जा रहा है।