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भारत पर भी IS का खतरा, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Sun, 15 Nov 2015 06:12 AM IST
Updated Sun, 15 Nov 2015 06:12 AM IST
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ISIS is dangerous to India, negligency will cost huge loss

दस महीने में पेरिस को दो बार दहला देने वाले इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) का खतरा हमारे देश पर भी मंडरा रहा है। खुफिया एजेंसियों के पास जानकारी है कि इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के सदस्य इस बर्बर संगठन के लिए नेटवर्क तैयार करने का काम कर रहे हैं। इनके निशाने पर स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट इन इंडिया (सिमी) की गतिविधियों के लिए बदनाम पश्चिमी यूपी के कई जिले भी हैं। इनमें आगरा और अलीगढ़ भी शामिल हैं।

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केंद्र का गृह विभाग लगातार इसका अलर्ट जारी कर रहा है। पहले बताया गया था कि सिमी के मॉड्यूल्स आईएस के संपर्क में आ चुके हैं। दरअसल, इंडियन मुजाहिदीन को सिमी का ही परिवर्तित रूप माना जाता है। सिमी की स्थापना अलीगढ़ में हुई थी। इसलिए यहां और आस पास इसका नेटवर्क काफी मजबूत है।
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मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, सहारनपुर, रामपुर, मुरादाबाद, हापुड़, गाजियाबाद, बिजनौर, आगरा, अलीगढ़ और मथुरा में सिमी के मॉड्यूल्स सक्रिय रहे हैं।

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पुलिस को किया गया आगाह

ISIS is dangerous to India, negligency will cost huge loss

बिजनौर में हरकत उल जेहाद अल इस्लामी (हूजी) ने सिमी की मदद से ही अपना नेटवर्क तैयार किया। इसके अलावा पश्चिमी यूपी में हरकत उल अंसार, हिजबुल मुजाहिदीन, जैश ए मौहम्मद, लश्कर ए तइबा जैसे आतंकी संगठनों के स्लीपिंग मॉड्यूल्स की जानकारी मिलती रही है। जैश का आतंकी अब्दुल वारस मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में पकड़ा गया था। लश्कर के आतंकी शामली के कैराना में शरण ले चुके हैं। बागपत से आईएम के तार कई बार जुड़े हैं। यासीन भटकल का यहां के छपरौली क्षेत्र का रहने वाला एक सहयोगी जंमू में एनकाउंटर में मारा गया था।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के ताजा अलर्ट में कहा गया है कि इन आतंकी संगठनों के मॉड्यूल्स की मदद से ही आईएम ने यहां अपना नेटवर्क तैयार किया। यूपी पुलिस को आगाह किया गया है कि अब आईएम, आईएस के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा है। आईएस में भर्ती कराने के लिए युवाओं को उकसाया जा रहा है।

इसके मद्देनजर एंटी टेरेरिस्ट स्कवाड (एटीएस) से आईएम के तमाम सदस्यों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। साथ ही पुलिस ने जेल में बंद इस संगठन के आतंकियों की निगरानी बढ़ा दी है। इनके परिवारीजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल भी सर्विलांस पर ले लिए गए हैं। आईएस के तमाम इंटरनेट एकाउंट पर भी पुलिस की नजर है।

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