फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ISIS boy story

आतंक की ऐसी कहानी पहले कभी नहीं सुनी होगी!

Mon, 29 Dec 2014 03:12 PM IST
Updated Mon, 29 Dec 2014 03:12 PM IST
विज्ञापन
ISIS boy story

आईएसआईएस के आतंकी किस तरह बच्चों को आत्मघाती हमलावर बना रहे हैं इस बात का खुलासा किया है उनकी कैद से छूटे एक नाबालिग लड़के ने।

विज्ञापन


उसने जो कहानी सुनाई है वह किसी का भी दिल दहला देने के लिए काफी है। इस खबर के सामने आने के बाद से इस लड़के के साहस की हर ओर तारीफ हो रही है।

उसैद नाम के इस लड़के ने बताया है कि आतंकवादी जबरदस्ती बच्चों को आत्मघाती हमलावर बना रहे हैं। उसने बताया कि इंकार करने पर तुरंत मारने की धमकी दी जाती है।

14 साल के उसैद ने बताया है कि ब्रेनवाश से यदि काम नहीं चलता तो कहा जाता है कि या तो अभी मरो वरना फिदाईन बन जाओ।

बचाई मासूम लोगों की जान

ISIS boy story

न्यू यॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक 14 साल के उसैद बरहो को फरमान सुनाया गया था एक मस्जिद में धमाका करने का। जब तक वह इन आतंकियों के चंगुल में नहीं फंसा था तब तक वह फुटबॉल खेलता था, जैकी चैन की फिल्में देखता था और नैंसी के गाने सुनता था।

लेकिन सीरिया के रहने वाले इस लड़के की किस्मत में कुछ और ही लिखा था। आतंकी उसे और उसके साथी लड़कों को अपने साथ ले गए। सभी जानते थे कि इंकार का मतलब क्या है इसलिए किसी ने कोई विरोध भी नहीं किया।

उसे कहा गया कि वो या तो फिदाईन बन जाए और जन्नत में जाए अन्यथा उसे तुरंत गोली मार दी जाएगी। उसने फिदाईन बनना मंजूर किया लेकिन उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

उसने जो प्लान बनाया उसने उसकी तो जान बचा ही ली साथ ही कई मासूम लोगों को भी जानें बच गईं। उसने आत्मघाती हमलावर बनना इसलिए मंजूर किया ताकि वह उनके चंगुल से आजाद हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

उसैद ने किया ये काम और बच गया

ISIS boy story

आईएस के आतंकियों ने उसे वह जैकेट पहनाई जिसमें विस्फोटक लगा था। उसे बस एक बटन दबाना था और इराक की शिया मस्जिद में धमाका हो जाता, बर्बादी का मंजर चारों ओर होता।

लेकिन उसैद मरना नहीं चाहता था, वह तो डॉक्टर बनना चाहता था। उसने मस्जिद के पास खड़े सुरक्षाकर्मियों को इशारे से अपनी बात समझाई और मदद मांगी।

इसके बाद इराक के सैनिक हरकत में आए और सावधानी से उसके जिस्म से वह जैकेट अलग की। इससे ना सिर्फ उसैद की जान बची बल्कि वहां मौजूद बाकी लोग भी बच गए।

उसने बताया है कि आईएस के पास ऐसे तमाम लड़के हैं जिनको बरगलाया जा रहा है और ब्रेन वॉश किया जा रहा है। इन लड़कों को जिहाद के नाम पर मरने के लिए तैयार किया जा रहा है।

(सभी तस्वीरें डेली मेल से साभार)

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed