ड्रोन हमले में मारा गया आईएस का अफगानी चीफ
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चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के अफ़ग़ानिस्तान प्रमुख समझे जाने वाले मुल्ला अब्दुल रऊफ़ की ड्रोन हमले में मौत हो गई। हेलमंद प्रांत के पुलिस प्रमुख ने इसकी पुष्ट कर दी है।
मुल्ला रउफ़ तालिबान से जुड़े रहे थे, पर पिछले दिनों उन्होंने इस्लामिक स्टेट के लिए अपनी प्रतिबद्धता का ऐलान किया। हेलमंद में बुज़ुर्गों ने बताया कि छह लोगों को लेकर रेगिस्तान पार कर रही एक गाड़ी पर मिसाइल हमला किया गया।
उस गाड़ी में पहले से ही भारी मात्रा में गोला बारूद रखे हुए थे। गाड़ी में ज़बरदस्त विस्फोट हुआ और इसके टुकड़े टुकड़े हो गए।
नेटो ने नहीं की पुष्टि
पर ड्रोन हमला करने वाले नेटो ने मुल्ला रउफ़ की मौत की पुष्टि नहीं की है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हेलमंद के पुलिस प्रमुख नबी जान मुल्लाखेल के हवाले से कहा है कि मुल्ला रउफ़ के साथ उनके बहनोई और दूसरे चार पाकिस्तानी नागरिक भी ड्रोन हमले में मारे गए।
अमरीकी सुरक्षा बलों ने रउफ़ को 2001 में पकड़ लिया था। उन्होंने ग्वांतानामो बे के क़ैदखाने में छह साल गुज़ारे थे। इस्लामिक स्टेट के लिए प्रतिबद्धता का ऐलान करने के बाद रउफ़ तालिबान के सफ़ेद झंडे के बदले आईएस के काले झंडे का इस्तेमाल करने लगे थे।
उन्हें इस्लामिक स्टेट ने ख़ोरासान का प्रमुख घोषित किया था। अफ़ग़ानिस्तान का पुराना नाम ख़ोरासान है।