क्या ISI ने कराई वैदिक की हाफिज से मुलाकात?
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भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक की मोस्ट वांटेड आतंकी सरगना हाफिज सईद से मुलाकात को लेकर भारत में जबरदस्त बवाल मच गया है, हालांकि पाकिस्तान में इसकी ज्यादा चर्चा नहीं है।
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड सईद से किसी पत्रकार की मुलाकात कोई आम बात नहीं है। इस मुलाकात में आईएसआई की भूमिका भी देखी जा रही है क्योंकि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की मर्जी के बिना सईद किसी भारतीय पत्रकार से मिल ही नहीं सकता है।
वैदिक की सईद से मुलाकात कराने में आखिर किस की कोशिशें रंग लाईं? इसमें कोई संदेह नहीं कि यह मुलाकात आईएसआई की मर्जी से ही हुई है।
'दिग्गज पत्रकार तक नहीं ले पाए इंटरव्यू'
इस मुलाकात के लिए या तो पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकारों ने कोशिश की होगी या पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त ने मदद की होगी क्योंकि वैदिक को भारतीय उच्चायुक्त का अच्छा खास प्रोटोकोल मिला हुआ था जो आमतौर पर किसी भारतीय पत्रकार को नहीं मिलता है चाहे वह कितना भी वरिष्ठ ही क्यों न हो।
मुलाकात कराने में मदद किसी ने की हो लेकिन इस मुलाकात से ये सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या वैदिक ने सईद को भारत सरकार का कोई संदेश दिया है या सईद ने वैदिक के जरिए भारत सरकार को कोई संदेश भेजा है।
इससे पहले पाकिस्तान आ चुके कई दिग्गज भारतीय पत्रकार हाफिज सईद का इंटरव्यू लेने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन उन्हें नाकामी हासिल हुई। ऐसे में वैदिक का सईद से मुलाकात करने में सफल होना भी अपने आप में सवाल खड़े करता है।
मुंबई हमलों के बाद यह पहली मुलाकात
मुंबई हमलों के बाद से सईद की किसी भारतीय पत्रकार से यह पहली मुलाकात है, वह पाकिस्तानी पत्रकारों से भी बहुत ही कम मिलता है।
दिलचस्प यह भी है कि कई भारतीय पत्रकार अब वैदिक की आलोचना कर रहे हैं, जबकि वे खुद भी पाकिस्तान आकर सईद का इंटरव्यू लेने की नाकाम कोशिश कर चुके हैं।
सईद की वैदिक से खुफिया अंदाज में मुलाकात होना भी एक बड़ा सवाल है। मुलाकात का खुलासा कई दिनों बाद अचानक ट्विटर के जरिए हुआ, जबकि वैदिक ने किसी अखबार में यह इंटरव्यू भी प्रकाशित नहीं कराया।
जून के आखिरी हफ्ते में मेरी वैदिक से एक भारतीय राजनयिक के घर पर मुलाकात हुई थी। वह पाकिस्तानी पत्रकारों से तमाम विषयों पर गंभीर चर्चा कर रहे थे, तो क्या पाकिस्तानी पत्रकारों ने सईद से मुलाकात में उनकी मदद की।
अगर ऐसा है तो मैंने खुद कई बार अपने भारतीय पत्रकार दोस्तों का सईद से इंटरव्यू कराने की बहुत कोशिश की लेकिन मुझे हमेशा नाकाम होना पड़ा, सईद का प्रवक्ता याहया मुजाहिद इस बात का गवाह है।