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इजाज ने बताया, कहां तक घुसपैठ कर चुकी है ISI

Wed, 03 Feb 2016 09:43 AM IST
Updated Wed, 03 Feb 2016 09:43 AM IST
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ISI dent in cantonments situated in mountain and plain

पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मैदानी क्षेत्र) और पिथौरागढ़ (पहाड़ी इलाका) में स्थित सैन्य छावनियों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई सेंध लगा चुकी है। पाक जासूस इजाज को खासकर बरेली से लेकर पिथौरागढ़ तक की सेना की यूनिटों और महत्वपूर्ण स्थलों की रैकी का टारगेट सौंपा गया था। करीब पांच साल से आईएसआई को अहम सूचनाएं भेजता रहा इजाज इसमें काफी हद तक कामयाब भी हो चुका था।

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चौंकाने वाली जानकारी यह भी सामने आई है कि देश की सैन्य शक्ति को इजाज अकेले नहीं बल्कि अपने साथी जासूस के साथ खोखला कर रहा था। खुफिया एजेंसियां इस पाक जासूस का सुराग जुटाने में लगी हैं। इजाज से बरामद गैजेट्स (मोबाइल फोन, लैपटॉप, पैन कार्ड, डाटा कार्ड) की सीबीआई लैब से मिली फोरेंसिक रिपोर्ट का एक्सपर्ट टीम ने दूसरे दिन भी विश्लेषण किया। जिसमें सामने आया कि बरेली में इजाज से मुलाकात करने और गोपनीय जानकारियां लेने एक दूसरा आईएसआई एजेंट उसके पास आता था।
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पुलिस के एक अफसर ने बताया कि इजाज और उसका यह जासूस साथी पश्चिम बंगाल से एक साथ भारत में आए थे। इजाज बरेली में ठिकाना बनाकर स्वतंत्र फोटोग्राफर की आड़ लेकर जासूसी करता था तो उसका साथी सेना की अन्य यूनिटों की जानकारी जुटाकर बरेली आकर उसके साथ शेयर करता था।
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रेजीडेंट्स जासूस था इजाज

ISI dent in cantonments situated in mountain and plain

अभी इस बात की भी पुष्टि की जा रही है कि जिस समय इजाज को यूपी एसटीएफ ने मेरठ कैंट इलाके से दबोचा था तो उससे कुछ देर पहले ही इजाज ने जिस शख्स से सैन्य दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया था, क्या वह उसका वही साथी था या कोई और। अफसरों के मुताबिक यह पता लगाया जा रहा है कि वह दूसरा एजेंट किस जिले में रह रहा था और उसका टारगेट क्या था।

यह सामने आ चुका है कि इजाज करीब पांच साल से देश में रहकर जासूसी में लिप्त था जिससे माना जा रहा है कि इजाज आईएसआई का देश में रेजीडेंट्स जासूस था। वह एनसीआर और उत्तराखंड में मौजूद आईएसआई के स्पीलिंग मॉड्यूल्स के भी संपर्क में था। फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक इजाज ने आईएसआई के लिए कोलकाता से जासूसी शुरू की थी। जहां काफी समय बिताकर वह बरेली आया था।

इस बीच उसके लखनऊ में भी एक साथी के साथ रुकने की चर्चाएं सामने आई थी। अफसरों के अनुसार इजाज ने आईएसआई को सबसे ज्यादा सूचनाएं कोलकाता, बरेली और दिल्ली कैंट की भेजी थीं। इनमें यमुना एक्सप्रेस वे को लेकर भी तमाम जानकारियां हैं। हालांकि ये अधिकांश जानकारियां इजाज पकड़े जाने के बाद शुरुआती पूछताछ और छह दिनों के रिमांड के दौरान छिपा चुका था।

आठ फोटोग्राफर थे संपर्क में

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इजाज के मोबाइल फोन की डिटेल में फोटोग्राफरों से ज्यादा संपर्क होना बताया गया। इजाज ने बरेली, कोलकाता और दिल्ली कैंट इलाके के आसपास के करीब आठ फोटोग्राफरों से इंटरनेट से फोटो और वीडियो का आदान-प्रदान भी किया था। इस मामले की भी पुलिस और जांच एजेंसियां गंभीरता से जांच करने में जुटी हैं। पुलिस ने बताया कि उक्त सभी फोटोग्राफरों से पूछताछ की जाएगी।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में इजाज ने काफी दिनों तक रुककर कई महत्वपूर्ण जानकारियां आईएसआई को भेजी थीं। बता दे कि पिथौरागढ़ नेपाल सीमा पर है। यहां नैनी सैनी एयरपोर्ट है। वहां पर जौली जेबी इंडो तिब्बत मेला हर वर्ष भरता है। जिसमें देश-विदेश के लोग आते हैं। इसकी जानकारी भी इजाज ने आईएसआई को भेजी थी।

वेस्ट यूपी और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की ज्यादा जानकारियां इजाज ने पाकिस्तान भेजी हैं। इजाज से मुलाकात करने उसका एक साथी जासूस अक्सर बरेली आता था। सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जाएगी। उसके तमाम मददगारों को पकड़ा जाएगा।- सुजीत पांडेय, आईजी मेरठ

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