ISI एजेंट एजाज की पेन ड्राइव ने खोले कई बड़े राज
आईएसआई एजेंट इजाज अलीगढ़ के एक निजी कॉलेज के आठ छात्रों के संपर्क में था। इसका खुलासा इजाज से बरामद पेन ड्राइव ने किया है। पुलिस की पूछताछ में इजाज ने उक्त छात्रों को केवल अपना दोस्त बताया है। पुलिस का दावा है कि इस पाक जासूस का मेरठ और सहारनपुर मंडल में भी छात्रों से संपर्क हो सकता है।
एसटीएफ ने शुक्रवार को आईएसआई एजेंट इजाज को गिरफ्तार किया था। पुलिस और एसटीएफ की पूछताछ में उसने कई सनसनीखेज जानकारियां दीं हैं। पुलिस ने जासूस इजाज से बरामद पेन ड्राइव की जांच की। जिसमें अलीगढ़ के आठ युवकों के नाम सामने आए। पुलिस ने युवकों के बारे में इजाज से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह सभी छात्र हैं और उसकी उनसे सिर्फ दोस्ती है।
पुलिस के मुताबिक इजाज ने अलीगढ़ के इन दोस्तों से अंग्रेजी में बातचीत की। जासूस फोन के द्वारा अपने दोस्तों से क्या बातचीत करता था, इसकी तमाम रिकॉर्डिंग उसने अपनी पेन ड्राइव में सेव कर रखी है। पुलिस का दावा कि उक्त छात्रों से पूछताछ करने के लिए पुलिस की एक टीम अलीगढ़ जाएगी। सदर बाजार इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि जासूस को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उसको लेकर अलीगढ़ भी जाएगी।
मेरठ में पनाह देने वाला कौन
एसटीएफ का दावा है कि मेरठ छावनी की गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी गोपनीय जानकारियां लेने के लिए पाक जासूस लगातार मेरठ आता-जाता था। फिलहाल भी वह तीन दिन से मेरठ में ठहरा हुआ था। मेरठ में उसे कौन पनाह दे रहा था, इसका खुलासा रिमांड पर जासूस कर सकता है।
अंग्रेजी और उर्दू जानता है
पुलिस के मुताबिक इजाज को अंग्रेजी और उर्दू बहुत अच्छी तरह आती है। हिंदी और अन्य भाषा तो उसने भारत में आकर सीखी है। पुलिस का मानना है कि इजाज स्कूली बच्चों से अंग्रेजी में बातचीत करता था। वह पढ़ा-लिखा है, यह सोचकर छात्र उसके दोस्त बन जाते थे। इजाज अधिकांश समय स्कूलों के आसपास ही व्यतीत करता था।
120 बी का मुल्जिम बनाएंगे
सदर बाजार इंस्पेक्टर ने बताया कि जासूस इजाज समेत नामजद इरशाद, अशफाक, जहांगीर और अशफाक पर 120 बी (षड्यंत्रकर्ता) की धारा भी लगाई जाएगी। देश की सुरक्षा में सेंधमारी करने वाले नामजद आरोपी आईएसआई के लिए काम करते है। इसलिए यह धारा भी लागू होती है।
स्पेशल एजेंसी करेगी जांच
इस मामले की जांच स्पेशल एजेंसी करेंगी। इसके लिए पुलिस ने पुलिस अधिकारियों से सिफारिश भी कर दी। यह मामला गृह मंत्रालय तक पहुंच गया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड लेकर पुलिस जासूस से और पूछताछ की जाएगी। रिमांड पर आरोपी से सुबूत जुटाकर पुलिस विवेचना में शामिल करेगी। उसके बाद पूरा मामला स्पेशल एजेंसी को सौंपा जाएगा।