मेरठ: जासूसी कर रहा ISI एजेंट गिरफ्तार
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एसटीएफ ने सेना की जासूसी करने वाले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट आसिफ अली को मेरठ से गिरफ्तार किया है। अली पर भारतीय सेना की महत्वपूर्ण जानकारियां आईएसआई को भेजने का शक है। वह पिछले 8 साल से पाक की खुफिया एजेंसी के अफसरों के संपर्क था। 20 बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके अली की पत्नी और बच्चे कराची में रहते हैं। उसके पास से सेना से संबंधित नक्शे, पाकिस्तानी डेबिट कार्ड और पाकिस्तानी सिम के अलावा अन्य अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं।
आसिफ अली (52) को शनिवार दोपहर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सुभाष बाजार भाटवाड़ा तिराहा से दबोचा गया। एसटीएफ के मुताबिक 8 साल पहले पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसकी मुलाकात आईएसआई अधिकारी जाहिद से हुई थी। इसके बाद से ही वह सेना की सूचनाएं एवं दस्तावेज पाक भेजने लगा। पूर्व में उसने कोलकाता निवासी जेसीओ मदन मोहन पॉल (रिटायर) के खाते में तीन बार स्टेट बैंक जोया (अमरोहा) और ज्योतिबाफूले नगर स्थित बैंक शाखा से करीब 45 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
पश्चिम बंगाल में तैनात जेसीओ पाटन कुमार पोद्दार के अकाउंट में जोया (अमरोहा) की शाखा से 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। ये रुपये आईएसआई अफसर जाहिद से मिले डेबिट कार्ड के जरिये डाले गए। मदन मोहन को 18 दिसंबर 2013 और पाटन कुमार को इसी माह छह अगस्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये दोनों भी राष्ट्रीय महत्व के दस्तावेज तथा अन्य जानकारी आईएसआई को भेज रहे थे। आसिफ का मुख्य काम आईएसआई द्वारा बताए लोगों तक धनराशि पहुंचाना और उनसे ली जानकारियां आईएसआई अफसरों को भेजना था।
फौजी का लड़का लैपटॉप से भेज रहा सूचनाएं
आईएसआई अफसरों के इशारे पर ही आसिफ ने मई 2014 में बबीना कैंट, झांसी में एक फौजी के लड़के को लैपटॉप खरीदकर दिया। यह लैपटॉप पीएल शर्मा रोड स्थित गैलेक्सी इंफोटेक से खरीदा गया। उसका भुगतान 18,500 रुपये खुद आसिफ ने किया। इसी लैपटॉप का आईडी (मैक नंबर) आसिफ ने आईएसआई अफसर जाहिद को बताया, ताकि एडवांस तकनीक से पाक में बैठे लोग महत्वपूर्ण जानकारियां खुद ही हैक कर सकें।
मिलिट्री इंटेलीजेंस और आईबी भी लगी थी
आर्मी इंटेलीजेंस और आईबी को भी आसिफ के बारे जानकारी मिल चुकी थी। एक सप्ताह पूर्व ही एसटीएफ से यह जानकारी साझा की गई। इसके बाद एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में एडिशनल एसपी राजेश कुमार और सीओ अनित कुमार के अलावा फील्ड यूनिट ने मेरठ में आकर डेरा डाला। तब जाकर आसिफ की गिरफ्तारी हो सकी।