IS ने भारत को दी जंग की चेतावनी, मोदी के खिलाफ उगला जहर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतरनाक और बर्बर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अब भारत के खिलाफ जिहादी जंग छेड़ने की ठानी है। आतंकी संगठन ने पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा है कि वह दक्षिणपंथी हिंदू राष्ट्रवादी हैं और हथियारों की पूजा करते हैं।
वह अपने लोगों को मुस्लिमों से लड़ने के लिए तैयार कर रहे हैं। इस्लामिक स्टेट ने पहली बार अपने कि सी प्रकाशन में भारत की राजनीतिक हालात का विश्लेषण किया है।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक इस्लामिक स्टेट के ऑनलाइन दस्तावेज ‘ब्लैक फ्लैग्स’ में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट अब इराक और सीरिया से बाहर अपना विस्तार करेगा।
यह अब भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और कई अन्य देशों की ओर बढ़ेगा। मंगलवार को जारी दस्तावेज में कहा गया है कि भारत में हिंदुओं का एक आंदोलन बढ़ रहा है जो बीफ खाने वाले मुसलमानों को मार डालता है। जो लोग इस तरह के संगठनों की फं डिंग कर रहे हैं वे अपने यहां की भविष्य की लड़ाई में हिस्सा ले सकते हैं।
हिंदू संगठनों का राजनीतिक विंग प्रोपगंडा करता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों और हथियारबंद लड़ाकों की भर्ती की जा सके। ये लोग अपने सबसे बड़े दुश्मन यानी मुसलमानों से लड़ सकें।
भारत के खिलाफ जंग तेज करेगा आईएस
दस्तावेज में दावा किया गया है कि इस्लामिक स्टेट की लड़ाई हर देश में फैलेगी। यही वजह है कि दुनिया भर में डेढ़ अरब मुसलमान हैं। वह हर जमीन और हर जगह इसके लिए लड़ेंगे और नई व्यवस्था की यह लड़ाई आखिर में अल-दजाल यानी ईसा के खिलाफ लड़ाई में तब्दील हो जाएगी।
इस्लामिक स्टेट के दस्तावेज में मुसलमानों से अपील करते हुए कहा गया है, ‘तुम सब अगर अपने कम्फर्ट जोन से बाहर नहीं निकले तो नई वैश्विक व्यवस्था की भेंट चढ़ जाओगे और दबाने वाले लोगों की गुलामी मंजूर कर लोगे या फिर बाहर निकलोगे और अपने मजहब और जिंदगी को बचाने के लिए लड़ोगे।’
इस दस्तावेज में यह बताया गया है दुनिया के शासनों के खिलाफ विद्रोह पैदा किया जा सकता है। इसके अलावा, छिपने, बम बनाने और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के तरीकों का जिक्र किया गया है। इस्लामिक स्टेट की की रणनीति है, मारो और भागो।
इससे दुनिया आपको ढूंढने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करेगी और लाखों पुलिसवाले और जांच करने वालों को आपके पीछे लगाएगी। इससे वे न केवल पैसे गंवाएंगे, बल्कि उनके बड़े शहरों पर ताला भी लग सकता है।