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अभद्रता के बहाने जेटली ने केजरी पर साधा निशाना

Thu, 24 Dec 2015 07:17 PM IST
Updated Thu, 24 Dec 2015 07:17 PM IST
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Is vulgarity the new norm of Indian politics: jaitly

भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही खींचतान के बीच भाजपा नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साध दिया है।

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प्रधानमंत्री सहित अन्य नेताओं के खिलाफ अपनी भाषा को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आए केजरीवाल पर कटाक्ष करते हुए जेटली ने सवाल किया है, क्या अभद्रता ही भारतीय राजनीतिक का नया आदर्श है।
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फेसबुक के माध्यम से अपनी बात रखते हुए जेटली ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी और अन्य के खिलाफ दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री ने विधानसभा के अंदर और बाहर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया उसे क्या कहा जाए?
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जेटली ने सवाल किया कि अगर केन्द्र सरकार का कोई अधिकारी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता तो वो पूरे देश में आलोचना का विषय बन जाता। इस पद पर बैठे लोगों से संयमित व्यवहार की उम्मीद की जाती है।

फेसबुक के जरिए उठाया केजरीवाल पर सवाल

Is vulgarity the new norm of Indian politics: jaitly

वे विदेशी नहीं हैं, इसलिए भाषा में इस तरह की अश्‍लीलता उनके लिए सही नहीं है। राजनीतिक बहस के लिए इस तरह की अभद्र भाषा सही नहीं है। जेटली ने तंज कसा कि अभद्र टिप्पणियां झूठ को दबाने का सही विकल्प नहीं हो सकती। हालांकि इस मुद्दे पर वह खुद ही जवाब देते नजर आते हैं।

जेटली लिखते हैं, "मैं समझता हूं नहीं"। राजनीति और सावर्जनिक संवाद में अभद्र भाषा कभी भी उच्च मानदंड नहीं हो सकते। बीते दिनों भी जेटली ने एक भाषण के दौरान शोक जताते हुए कहा था कि भारत में सावर्जनिक बहस अब अभद्र भाषा में तब्दील होती जा रही है।

केजरीवाल पर निशाना साधते हुए जेटली ने कहा था कि दिल्‍ली सरकार के अधिकारी और समर्थक राजनीतिक संवाद का स्तर गिराते जा रहे हैं। असल में जेटली केजरीवाल के उस बयान को निशाना बना रहे थे जिसमें उन्होंने सीएम ऑफिस में सीबीआई छापे के बाद प्रधानमंत्री को कायर और मनोरोगी कहा था।

केजरीवाल के उस बयान को लेकर जहां भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी वहीं अन्य दलों में उनके इस बयान की आलोचना की जा रही है। हाल ही में सोनिया गांधी ने अपनी पार्टी के सांसदों को केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी में मोदी का नाम न लेने की सलाह दी गई है।

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