फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   is something wrong in hrd ministry

स्मृति के मंत्रालय में अफसरों की 'भगदड़', कुछ तो है गड़बड़

Sat, 04 Apr 2015 03:01 PM IST
Updated Sat, 04 Apr 2015 03:01 PM IST
विज्ञापन
is something wrong in hrd ministry

मोदी सरकार में 11 महीनों से मानव संसाधन विकास मंत्रालय संभाल रही स्मृति ईरानी के कामकाज आमतौर पर उंगली उठती रही है। वे गोवा के स्टोर की गड़बड़ी पकड़ने में तो कामयाब रहीं लेकिन अपने कामकाज की गड़बड़ी आज तक नहीं पकड़ पा रही हैं।

विज्ञापन


स्मृति ईरानी के मातहत एक और संयुक्त सचिव ने गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय छोड़ दिया। पिछले 11 महीनों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय छोड़ने वालीं वह पांचवी सचिव स्तर की अधिकारी हैं। मोदी सरकार के किसी और मंत्रालय में अधिकारियों के छोड़ने की दर ऐसी नहीं है, जैसी की मानव संसाधन विकास मंत्रालय की है।
विज्ञापन


संयुक्त सचिव (माध्यमिक शिक्षा) राधा एस चौहान मानव संसाधन विकास मंत्रालय छोड़कर आधार कार्ड पर काम कर रहे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण में शामिल हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंत्रालय में खुश नहीं थीं राधा एस चौहान

is something wrong in hrd ministry

मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राधा एस चौहान का पांच साल कार्यकाल पूरा भी नहीं हो पाया था। उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी ने अपनी इच्छा से मंत्रालय छोड़ा।

हालांकि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, संभवतः वह मंत्रालय में कई कारणों से खुश नहीं थी। उन्हें राज्य स्तर के एक मानव संसाधन विकास मंत्री के लिए शा‌स्‍त्री भवन में आवंटित अपना कमरा छोड़ना पड़़ा था। वह इससे भी काफी नाखुश थी।

हालांक‌ि चौहान से मंत्रालय से छोड़ने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। चौहान से पहले संयुक्त सचिव स्तर के तीन और अधिकारी वीना ईश, जगमोहन राजू, प्रवीण प्रकाश मंत्रालय से तबादला ले चुके हैं।

स्मृति के मंत्रालय में कुछ तो गड़बड़ है!

is something wrong in hrd ministry

ईश और राजू का तबादला अन्य राज्यों के कैडर में किया गया, जबकि प्रकाश को वैंकैया नायडू के श‌हरी व‌िकास मंत्रालय में भेजा गया। माना जा रहा है कि मंत्रालय के अधिकांश तबादले रूटीन‌ किस्म के थे, हालांक‌ि इकोनॉमिक टाइम्स का कहना है क‌ि दो ऐसे मामले रहे, जिनसे लगा कि मंत्रालय में कुछ गड़बड़ है।

पिछले महीने मंत्रालय ने नागेश सिंह को 'सरेंडर' कर स्टेट कैडर में वापस भेज दिया। नागेश इकोनॉमिक सर्विस के अधिकारी थे। अमरजीत सिन्हा से तकनीकी शिक्षा का प्रभार वापस ले लिया गया। उन्हें सांख्यिकी विभाग में भेज दिया गया, जो उनके पुराने विभाग से दोयम स्तर की जिम्मेदारी थी।

नागेश सिंह को क्यों स्टेट कैडर में वापस भेजा गया, ये तो पता नहीं चला, हालांकि सिन्हा के मामले में कहा जा रहा है कि उनके और ईरानी के बीच में कई संस्‍थानों के प्रमुखों की नियुक्ति पर मतभेद थे।

यूं ही छोड़ते रहे अधिकारी तो वादों का क्या होगा‍?

is something wrong in hrd ministry

ईकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, नागेश सिंह को बरकरार रखने के लिए स्कूली‌ शिक्षा सचिव वृंदा स्वरूप ने कैबिनेट सचिव अजीत सेठ और प्रधानमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा से भी मुलाकात की थी। उन्होंने सिंह तबादले पर लिखित आपत्ति जताई ‌थी।

यूपीए सरकार में गृह सचिव रह चुके वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जीके पिल्लई कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय में अधिकारियों को तेजी से तबादला सामान्य नहीं है। ऐसे तबादलों से मंत्रालय का कामकाज भी प्रभाव‌ित होगा।

उन्होंने कहा‌ कि संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी किसी भी मंत्रालय के कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। एक मंत्रालय में वह पांच साल तक रहता है और उसके कामकाज से बखूबी वाकिफ होता है। उसे हटाकर आप किसी और को लाते हैं तो 6 महीने उसे अपना कामकाज समझने में लग जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed