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...तो क्या 'आशिकी' की ट्रेनिंग भी दे रही आईएसआई

Thu, 03 Dec 2015 06:47 AM IST
Updated Thu, 03 Dec 2015 06:47 AM IST
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Is ISI giving 'Aashiqui' training?

मेरठ में पकड़े गए आईएसआई के जासूस मोहम्मद इजाज के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकार्ड में कई महिलाओं के नाम और नंबर मिले हैं। उनसे उसकी लंबी बातचीत होती थी।

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उससे पूछताछ में यह भी पता चला कि वह महिला मित्रों के जरिए महत्वपूर्ण सूचनाएं जुटा रहा था। माना जा रहा है कि  इसके लिए आईएसआई ने उसे खास ट्रेनिंग देकर भेजा था। क्योंकि महिला मित्रों की संख्या छह-सात बताई जा रही है।
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इससे पहले पटियाला में पकड़े गए शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल ने भी इसी तरह जासूसी में बड़ी चालाकी से गर्लफ्रेंड का इस्तेमाल किया था। उसने तो एक सैन्य अफसर की बेटी से भी गहरी दोस्ती कर ली थी।

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महिला मित्रों के जरिए जासूस जुटा रहे सूचनाएं

Is ISI giving 'Aashiqui' training?

भट्टी इन दिनों आगरा सेंट्रल जेल में बंद है। वह 2006 से 2008 तक सहारनपुर में रहा। वहां देवराज सहगल नाम से जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड बनवा लिए थे। एक बैंक अधिकारी की बेटी से दोस्ती की। फर्जी पहचान पत्र से खाता खुलवाया और बाइक खरीदने के लिए बैंक से 50 हजार का लोन भी ले लिया।

उसने वहां तीन गर्लफ्रेंड बनाईं। इनके जरिए कई महत्वपूर्ण सूचनाएं आईएसआई को भेजीं। इसके बाद पंजाब के पटियाला जाकर रहने लगा। वहां भी तीन गर्ल फ्रेंड बनाईं।

खुफिया पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक सैन्य अधिकारी की बेटी थी। उसकी मदद से सेना में कंप्यूटर हार्डवेयर सिस्टम ठीक करने का ठेका लेने के लिए प्रयास कर रहा था, तभी उसकी पोल खुल गई और पकड़ा गया।

उसने बताया था कि आईएसआई इसके लिए खास ट्रेनिंग देती है। उसे बताया गया था कि गर्लफ्रेंड बनाने के लिए दिल खोलकर पैसा खर्च किया जाए। उनका विश्वास जीतकर सूचनाएं इतनी चालाकी से हासिल की जाएं कि उन्हें शक न हो।

इजाज की कॉल डिटेल्स से मिले रिकॉर्ड

Is ISI giving 'Aashiqui' training?

अब इजाज की भी कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई है। खुफिया एजेंसियों से उससे यह भी मालूम करने में लगी हैं कि उसकी महिलाओं से दोस्ती कैसे की? और उनसे क्या क्या सूचनाएं हासिल कीं?

भट्टी से मिलती है इजाज की कहानी
इजाज
- इजाज जासूसी के लिए कलीम नाम से देश में घुसा था
- कई महिलाओं से दोस्ती की, इनके जरिए सूचनाएं जुटाईं
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक में एकाउंट खुलवा लिया
- भारतीय सेना की जासूसी की, कई सूचनाएं आईएसआई को भेजीं
- आगरा, बरेली, मेरठ समेत कई जगह जासूसी की, ठिकाने बदलता रहा।

भट्टी
- भट्टी ने जासूसी के लिए अपना नाम देवराज सहगल रखा था
- छह गर्ल फ्रेंड बनाईं, तीन सहारनपुर और तीन पटियाला में
- सहारनपुर में बैंक में खाता खुलवाया, इस पर लोन भी लिया
- भारतीय सेना के टैंकों के मूवमेंट की वीडियो बनाकर आईएसआई को भेजी
- सहारनपुर में दो साल रहा, फिर पंजाब के पटियाला चला गया

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