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एक चेहरे के चलते कांग्रेस में कई चेहरे हुए अंडरग्राउंड

Wed, 21 Jan 2015 06:37 PM IST
Updated Wed, 21 Jan 2015 06:37 PM IST
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Is congress faction in delhi election?

अजय माकन को दिल्ली चुनाव प्रचार समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद कांग्रेस के भीतर का कलह थमने का नाम नहीं ले रहा।

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पार्टी के प्रति जनता में ‘नाराजगी’ के साथ प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी उसकी संभावनाओं को मिट्टी में मिला रही है। ऊपर से राहुल गांधी के फैसलों को लेकर पार्टी में अंदरखाने असंतोष बढ़ रहा है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष की ओर से माकन को पार्टी का चेहरा बनाने से दिल्ली कांग्रेस के दूसरे चेहरे चुनावी मैदान में अप्रासंगिक हो गए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अलावा उनके बेटे संदीप दीक्षित, कपिल सिब्बल, सज्जन कुमार, रमेश कुमार, जगदीश टाइटलर समेत कई नेताओं को चुनावी जिम्मेदारियों से दूर रखा गया है।
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यही नहीं दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस का कार्यालय भी चुनावी मौसम में महत्वहीन हो गया है। माकन चुनाव अभियान से जुड़ा सारा कामकाज 24 अकबर रोड के कांग्रेस मुख्यालय से चला रहे हैं।

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राहुल के फैसलों पर बढ़ा असंतोष

Is congress faction in delhi election?

शीला दीक्षित के दिल्ली चुनाव से दूर रहने को लेकर माकन ने कहा था कि उनका राजनीति सूर्य अस्त हो चुका है। मगर पार्टी की चुनावी दिनचर्या से उनके बेटे संदीप दीक्षित भी बाहर हो गए हैं। कई नेता इस स्थिति को नुकसानदेह मान रहे हैं।

पार्टी के एक महासचिव ने कहा कि चुनाव में सिर्फ एक नेता को ही आगे रखना और दूसरों को भुला देने का नतीजा नुकसान के रूप में ही दिखेगा। एक वरिष्ठ नेता ने तो यहां तक कहा कि माकन और पीसी चाको की जोड़ी के अलावा दिल्ली के सारे धुरंधर किनारे हो गए हैं।

माकन के अलावा चुनाव अभियान समिति में 101 सदस्यों को शामिल किए जाने की बात कही गई थी। इन सदस्यों को लेकर पार्टी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

प्रदेश में पार्टी के घोषित उम्मीदवार अपने दम पर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कई उम्मीदवारों ने तो कांग्रेस मुख्यालय में शिकायत भी की है कि उनको पार्टी की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही है।

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