दादा को थमाई झाड़ू, भाजपा में लाने की तैयारी तो नहीं!
भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी दौरे के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को भी अपने स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ लिया। मोदी के इस कदम को लेकर तमाम कयास लगने शुरू हो गए हैं।
गौरतलब है कि साल 2014 के आम चुनाव के दौरान भी भाजपा पश्चिम बंगाल से एक ऐसे चेहरे की तलाश में थी जो भगवा पार्टी के लिए वोटरों को रिझा सके। हालांकि सौरव हमेशा ही राजनीति में प्रवेश के मुद्दे से इनकार करते रहे हैं।
सौरव गांगुली पहले भी पश्चिम बंगाल में कभी सीपीएम तो कभी तृणमूल कांग्रेस के लिए वोटरों को रिझाते आए हैं। अब सौरव भाजपा के साथ दिख रहे हैं। हालांकि भाजपा ने हमेशा इन बातों का खंडन किया है कि वो इसका राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। लेकिन मोदी के पसंदीदा अभियान से सौरव गांगुली के जुड़ने का समय काफी दिलचस्प है।
साल 2015 में केएमसी चुनाव और साल 2016 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा अपना वोट शेयर बढ़ाने पर नजर लगाए है और वो तृणमूल कांग्रेस को सीधी चुनौती देने की सूरत में भी दिख रही है।
सौरव बोले यह एक अच्छा काम है
सौरव फिलहाल आस्ट्रेलिया में हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सौरव ने बताया, "यह एक बेहतर कार्य है। जब मैं वापस आऊंगा तब मैं देखूंगा कि क्या किया जाना है और फिर उसी के मुताबिक काम करूंगा।"
उन्होंने बताया कि भारत एक बड़ा देश हैं और यहां की समस्याएं यहां की बड़ी आबादी की वजह से हैं। सौरव ने कहा कि स्वच्छता जरूरी है। तथ्य यह है कि मोदी ने निजी तौर पर सौरव गांगुली के नाम की घोषणा कर बंगाल की राजनीति की सरगर्मी बढ़ा दी है।
अब हर किसी को हैरानी हो रही होगी कि भाजपा ने चुनाव से पहले ही बड़ा कदम उठा लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों ने बताया कि सौरव ने नवंबर 2013 को भाजपा नेता वरूण गांधी से मुलाकात की थी, हालांकि वरूण ने इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया था।