फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   is bjp awaken by newyork times news?

क्या न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के बाद जागी भाजपा?

Fri, 23 Oct 2015 05:58 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 23 Oct 2015 05:58 PM IST
विज्ञापन
is bjp awaken by newyork times news?

क्या भारतीय जनता पार्टी देश में अपनी बिगड़ती छवि से चिंतित है या फिर दूसरे देशों में मोदी सरकार की धूमिल होती तस्वीर ने उसे परेशान किया है। या फिर यह, जैसा कि लोग अनुमान लगा रहे थे, बिहार चुनाव में गड़बड़ाते समीकरणों का मामला था।

विज्ञापन


घटनाक्रम और राजनीतिक टीकाकारों की राय तो यह बताती है कि मामला विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की छवि का ही है। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष ने चार दिन पहले अपने बयानवीर नेताओं की बैठक बुलाकर सख़्त चेतावनी दी.। ख़बरों के अनुसार उन्हें ऐसा करने की हिदायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मिली थी.।
विज्ञापन


हालांकि इस बारे में पार्टी की ओर से कोई अधिकृत खबर नहीं दी गई लेकिन सूत्रों के हवाले से यह खबर हर अखबार में प्रकाशित हुई। जाहिर है कि इसका उद्देश्य यह संदेश देना था कि सरकार और पार्टी इसे लेकर चिंतित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खबरों के अनुसार जिन नेताओं से अमित शाह ने बातचीत की उनमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान, सासंद साक्षी महाराज और उत्तर प्रदेश के विधायक संगीत सोम शामिल हैं। हालांकि एक और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा बैठक में नहीं थे लेकिन उन्हें भी यह चेतावनी दी गई है। खबरों के अनुसार पार्टी अध्यक्ष ने इन नेताओं से कहा था कि इस तरह के बयानों से विदेशों से आने वाले निवेश पर नाकारात्मक असर पड़ता है और विकास के कार्यों से ध्यान भटकता है।

18 अक्तूबर के न्यूयॉर्क टाइम्स में छपा लेख

is bjp awaken by newyork times news?

यह संयोग भर नहीं है कि 18 अक्तूबर के अंक में न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने पहले पन्ने पर भारत में बढ़ती हिंसा के खिलाफ लेखकों के सम्मान लौटाए जाने की ख़बर प्रमुखता से प्रकाशित की और इसके बाद एकाएक प्रधानमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष को 'आवश्यक कदम' उठाने के लिए कहा।

भारत में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कार्यकारी निदेशक और स्तंभकार पत्रकार आकार पटेल ने 'मिंट' में लिखे अपने एक लेख ने कहा है कि जैसे ही उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में यह खबर देखी, उन्हें यह लग गया था कि अब प्रधानमंत्री कार्रवाई करेंगे क्योंकि इससे विदेशों में उनकी छवि को धक्का पहुंचता है।

यह किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है कि प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद से ही नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्राओं को किस तरह से प्राथमिकता सूची में ऊपर रखा है और वहां जाकर अपनी छवि को लेकर कितने सचेत रहे हैं।

ऐसे में न्यूयॉर्क टाइम्स जैसा अखबार यदि भारत के बारे में नकारात्मक खबरें प्रकाशित करता है तो इससे चिंता स्वाभाविक है। ये और बात है कि अमित शाह की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी अमरीकी अखबार ने प्रकाशित की और वह भी बहुत प्रशंसा करने वाली नहीं थी। और इस कार्रवाई के बाद भी बयानों का सिलसिला रुका नहीं है।

शायद अमित शाह और प्रधानमंत्री की ओर से दिया गया संदेश पर्याप्त सख्त नहीं था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed