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सीएम के हाथों बंटवा दिए अपात्रों को चेक?
रामपुर/ब्यूरो
Updated Sat, 15 Dec 2012 09:56 AM IST
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उत्तर प्रदेश में रामपुर के अफसरों ने बड़ा कमाल कर दिया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों अपात्र छात्राओं को कन्या विद्या धन योजना के चेक बंटवा दिए। मामला संज्ञान में आने पर विभाग ने आनन-फानन में चेकों के भुगतान पर रोक लगाने का फरमान जारी कर दिया। इसकी बड़ी वजह यह भी बताई गई है कि आधे-अधूरे सत्यापन के आधार पर ही लिस्ट तैयार कराई गई और चेक बनवा डाले।
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अखिलेश यादव ने रामपुर में दस दिसंबर को अल्पसंख्यक विभाग की 'हमारी बेटी उसका कल' योजना की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री ने मंडल के पांचों जिलों की इस योजना में चयनित की गई करीब आठ हजार छात्राओं को चेक बांटे थे। इस योजना के साथ ही शिक्षा विभाग की कन्या विद्या धन योजना के तहत भी मंडल की करीब आठ हजार छात्राओं को चेक बांटे गए थे।
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38 छात्राओं के चेकों के भुगतान पर रोक
कन्या विद्या धन योजना के तहत जिले में 1433 छात्राओं का चयन किया गया था, जबकि इसके लिए करीब पांच हजार आवेदन पत्र आए थे। इस योजना में करीब 2870 छात्राएं पात्र होने के बाद भी लाभ पाने से वंचित रह गई थीं, जिसके बाद रामपुर के साथ ही मंडल भर में बवाल हुआ। जिले की छात्राएं अभी गुस्से में है। इस बीच गुरुवार को अचानक जिला विद्यालय निरीक्षक माया देवी ने स्टेट बैंक को एक पत्र लिखकर 38 छात्राओं के चेकों के भुगतान पर रोक लगाकर सनसनी फैला दी।
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इसके पीछे विभाग कई दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि तमाम छात्राओं के फार्मों का सत्यापन ही नहीं हो पाया। इसकी वजह यह थी कि डेट फिक्स होने के बाद सत्यापन में हड़बड़ी। अफसरों के दवाब के आगे तमाम फार्मों को बिना सत्यापित किए शिक्षा विभाग को भेज दिया गया। शिक्षा विभाग ने भी आनन-फानन में चेक बनवा दिए। जब इस गलती का एहसास हुआ तो विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल शिक्षा विभाग और तहसील प्रशासन के अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। 65 छात्राओं के चेक के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
27 और चेकों के भुगतान रोके
शिक्षा विभाग के पत्र के आधार पर 27 और चेकों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। दुबारा फार्मों की पड़ताल की गई तो 27 मामले और सामने आए, जिनका या तो सत्यापन नहीं हुआ या फिर फार्म ही खो दिया गया। विभाग के संज्ञान में मामला आने के बाद 27 और चेकों के भुगतान रोक दिए गए हैं, जिससे खलबली मच गई है। इस तरह अब तक कुल 65 छात्राओं के चेक के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक माया देवी का कहना है कि चेकों के भुगतान पर रोक लगाई गई है। इसमें तमाम तरह की त्रुटियां सामने आई हैं, जिसकी वजह से भुगतान रोका गया है। सभी स्थिति साफ हो जाने के बाद ही चेक के भुगतान पर लगी रोक को हटा दिया जाएगा।
हुआ विरोध तो खुली हकीकत
पात्र होने का दावा कर रही छात्राओं ने जब सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया तब प्रशासनिक अमले से लेकर शिक्षा विभाग तक हरकत में आ गया। कमिश्नर ने सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की। इस बीच जब फाइलें खोली गईं तो तमाम गलतियों की परतें खुलती चली गईं। हकीकत अब सामने आ गई है।
कन्या विद्या धन योजना
कुल आवेदन - 5000
पात्र घोषित - 4303
लाभ मिला - 1433
वंचित छात्राएं - 2870