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इरोम शर्मिला को फिर से गिरफ्तार किया
Updated Fri, 22 Aug 2014 11:14 AM IST
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भूख हड़ताल जारी रखने पर शुक्रवार को मणिपुर पुलिस ने इरोम शर्मिला को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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मणिपुर की एक अदालत ने मंगलवार को, 13 साल से न्यायिक हिरासत में रह रहीं इरोम शर्मिला को रिहा करने का आदेश दिया था।
राज्य से सशस्त्र बल विशेषाधिकार क़ानून (आफ़्स्पा) हटाए जाने की मांग को लेकर इरोम क़रीब 14 साल से भूख हड़ताल कर रही हैं और पिछले 13 साल से वह आत्महत्या के आरोप में मणिपुर की एक अस्पताल में न्यायिक हिरासत में थीं। लेकिन उनकी रिहाई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि 'आत्महत्या की कोशिश की मंशा का आरोप साबित नहीं होता'।
बुधवार को रिहाई के बाद शर्मिला ने कहा कि आफ़्स्पा पर उनका नज़रिया नहीं बदला है और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, वह भूख हड़ताल जारी रखेंगी।
आत्महत्या के कोई सबूत नहीं
बीबीसी के मुताबिक गिरफ्तारी के मामले में इरोम शर्मिला के वक़ील खैदाम मणि ने कहा था, "सेक्शन 309 के तहत इरोम के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की गई है लेकिन प्रतिपक्ष के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित किया जा सके कि इरोम ने आत्महत्या को कोशिश की है।
राज्य सरकार के पास उच्च न्यायलय में जाने का विकल्प है देखना होगा कि आगे क्या होता है."
खैदाम मणि ने कहा था कि इरोम की भूख हड़ताल जारी रखने का फ़ैसला उनका अपना है लेकिन कोर्ट ऑर्डर में कहा गया है कि राज्य इरोम की सेहत और सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठा सकती है और गिरफ़्तारी इसके लिए ज़रूरी क़दम नहीं है।
राज्य सरकार के पास उच्च न्यायलय में जाने का विकल्प है देखना होगा कि आगे क्या होता है."
खैदाम मणि ने कहा था कि इरोम की भूख हड़ताल जारी रखने का फ़ैसला उनका अपना है लेकिन कोर्ट ऑर्डर में कहा गया है कि राज्य इरोम की सेहत और सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठा सकती है और गिरफ़्तारी इसके लिए ज़रूरी क़दम नहीं है।