इराक से लौटे 'आतंकी' ने बताई IS की करतूत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इराक-सीरिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रभावित होकर मुंबई के कल्याण इलाके से आतंकी बनने गए चार युवकों में से एक आरिफ माजिद (23) शुक्रवार को स्वदेश लौट आया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उसे अपनी हिरासत में तुर्की से भारत लेकर आई है। अज्ञात स्थान पर पूछताछ के बाद एनआईए ने देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। आरिफ को शनिवार को एनआईए अदालत के सामने पेश किया जाएगा।
समझा जा रहा है कि आरिफ पूछताछ में आईएस और उसके भारत में गुर्गों के बारे में राज खोलेगा। ये भी पता चला है कि आरिफ के साथ गए तीन अन्य युवक फहाद शेख, अमन टंडेल और शाहीन टंकी भी स्वदेश लौटना चाहते हैं।
आरिफ का वापस लौटना इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ दिनों पहले उसके साथ इराक गए एक अन्य युवक ने अपने घर पर फोन कर उसके सीरिया में मारे जाने की सूचना दी थी। आईएस की अधिकृत वेबसाइट अल इस्बाह ने भी उसके मारे जाने का दावा किया गया था।
फिलहाल, जो कहानी सामने आ रही है, उसके मुताबिक आरिफ सीरिया में जारी लड़ाई में बच गया था और उसके बाद वह तुर्की भाग गया और वहीं छिपकर रह रहा था। वहां से उसने 20 नवंबर को फोन कर अपने पिता को इसकी सूचना दी और उन्होंने यह जानकारी एनआईए को दी। इसके बाद रॉ के अधिकारियों और एनआईए की टीम तुर्की गई, जहां से उसे वापस लाया गया।
IS की वेबसाइट ने किया था मौत का दावा
देर रात मामला दर्ज करने का आदेश हुआ जारी
आईएस और इसके आतंकियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत भारत के साथ दोस्ताना रिश्ते रखने वाले किसी भी देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने पर अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
आरिफ के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश एनआईए को देर रात गृहमंत्रालय से जारी किया गया। इससे पहले कहा जा रहा था कि मोदी सरकार खुद से वापस लौटने वाले गुमराह युवकों से सहानुभूति बरतेगी और इनके खिलाफ कोई मामला नहीं चलाया जाएगा।
गुप्त स्थान पर रखा गया है आरिफ
आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों के लोगों को अधिकतर काला चौकी में बने एटीएस कार्यालय में लाया जाता है लेकिन आरिफ से कहां पूछताछ की जा रही है, इसका सही पता नहीं चल पाया है। मुंबई के पेडर रोड स्थित कंबाला हिल में एनआईए का भी दफ्तर है लेकिन कोई अधिकारी साफ-साफ कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।
मई में चार युवक गए थे इराक
इस साल 23 मई को आरिफ समेत कल्याण के चार युवक अमन टंडेल, इंजीनियरिंग का छात्र फहाद शेख और काल सेंटर में काम करने वाले सलीम टंकी धार्मिक यात्रा के बहाने इराक गए थे।
दूसरे दिन आरिफ के पिता को एक पत्र मिला, जिसमें लिखा था कि वह इराक में चल रहे जिहाद की लड़ाई लड़ने जा रहे हैं, अब जन्नत में मुलाकात होगी। अगस्त में पता चला कि चारों आईएस में शामिल हो गए हैं। इसके बाद आरिफ के पिता ने अपने बेटे को वापस लाने के लिए सरकार से गुहार लगाई थी।