फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

कौन हैं अमिताभ ठाकुर, जिन्हें मुलायम ने धमकी दी!

Tue, 14 Jul 2015 01:25 PM IST
Updated Tue, 14 Jul 2015 01:25 PM IST
विज्ञापन
ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर धमकी देने का आरोप लगाने वाले आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर इससे पहले भी चर्चाओं में रहे हैं। अमिताभ इन दिनों सिविल डिफेंस में आईजी के पद पर तैनात हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से आने वाले अमिताभ नेशनल आरटीआई फोरम के संस्थापक हैं।

विज्ञापन


शासन-प्रशासन से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय देकर अमिताभ सरकारी व्यवस्था पर कई बार उंगली उठा चुके हैं। कभी-कभी मीडिया में खबरें भी आईं कि अमिताभ ऑफिस से छुट्टी लेकर विवादास्पद मामलों में खुद ही जांच करने निकल जाते हैं।
विज्ञापन


अमिताभ की पत्नी नूतन ठाकुर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। नूतन लखनऊ से आम आदमी पार्टी की सदस्य भी थीं, लेकिन पार्टी का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

'गार्ड ऑफ ऑनर' को खत्म करने की मांग

ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने माननीयों को पुलिस द्वारा दिए जाने वाले 'गार्ड ऑफ ऑनर' की आलोचना की थी। उन्होंने इस सम्मान को खत्म करने की मांग भी की।

अमिताभ ने यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन को पत्र लिखकर मांग की कि सम्मान पाने वाले कुछ मंत्री आपराधिक पृष्ठभूमि के होते हैं, जिन्हें पुलिस को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देना पड़ता है।

अमिताभ ने अपने पत्र में लिखा कि ऐसे लोगों को गार्ड ऑफ ऑनर देने से पुलिस का मनोबल गिरता है, साथ ही जनता के बीच भी गलत संदेश जाता है, इसलिए इस सम्मान को देने पर रोक लगाई जाए। इस मामले पर काफी विवाद हुआ था।

फेसबुक पर दर्ज कराई थी एफआईआर

ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर काफी सक्रिय रहने वाले अमिताभ ठाकुर फेसबुक पर भी एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। फेसबुक पर 'आई हेट गांधी' नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक ग्रुप शुरू किया था।

इस पेज पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर अभद्र टिप्पणी की जा रहीं थी। अमिताभ ठाकुर ने इस पेज के खिलाफ फेसबुक में शिकायत की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने फेसबुक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

उनके एफआईआर दर्ज कराने के कुछ दिन बाद ही फेसबुक ने 'आई हेट गांधी' नाम के उस पेज को बैन कर दिया। सोशल मीडिया में इस काम के लिए अमिताभ को काफी वाहवाही मिली थी।

खुद ही निकल पड़ते हैं मामलों की जांच करने

ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

अमिताभ ठाकुर अक्सर ऑफिस से छुट्टी लेकर कई बार यूपी के बड़े मामलों में खुद ही जांच करने निकल जाते हैं और इसकी जानकारी सोशल साइट्स के माध्यम से शेयर कर विवाद भी खड़े कर देते हैं।

हाल ही में बाराबंकी में थाने के अंदर दो पुलिसकर्मियों द्वारा महिला को जिंदा जलाए जाने की खबरों के बीच अमिताभ ने पोस्ट किया, 'कोठी (बाराबंकी) में महिला के थाने में जलाए जाने की घटना में एक से अधिक तरह की बातें सुन रहा हूं। अपने स्तर पर सच्चाई जानने और असलियत से रूबरू होने के लिए 11 जुलाई को मौके पर कोठी क़स्बा, बाराबंकी जाऊंगा।

अमिताभ ने 2 जुलाई को पोस्ट किया, 'जो ‪#‎ShailendraAgrawal‬ यूपी के लिए हैं, वही ‪#‎LalitModi‬ ‪#‎Lamo‬ पूरे देश के लिए हैं- दलाल स्ट्रीट एक्सप्रेस हाईवे'...।

26 मई को उन्होंने पोस्ट किया, 'नूतन एवं साथियों के साथ मंत्री श्री पंडित सिंह द्वारा एक युवा के साथ कथित संगीन गाली-गलौज और उसके बाद एक अन्य व्यक्ति को मंत्री बन कर फोन करने के आरोप में आनन-फानन में गिरफ्तार किये जाने के मामले में व्यक्तिगत स्तर पर जानकारी हेतु गोंडा जा रहा हूं। हम करीब 08.30 बजे गोंडा निकलेंगे।'

दुष्कर्म का भी लग चुका है आरोप

ips amitabh thakur threatened by mulayam singh yadav

अपने बगावती तेवरों के लिए मशहूर आईजी अमिताभ ठाकुर पर एक महिला से दुष्कर्म का भी आरोप लग चुका है। गाजियाबाद की एक महिला ने राज्य महिला आयोग से शिकायत करते हुए अमिताभ पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। हालांकि अमिताभ ने इस पूरे मामले को फर्जी करार दिया था।

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व प्रधान सचिव प्रदीप शुक्ला की बहाली पर भी अमिताभ ठाकुर ने सवाल खड़े किए थे। गौरतलब है कि प्रदीप शुक्ला यूपी के एनआरएचएम घोटाले में आरोपी थे, जो हाल ही में जेल से रिहा हुए हैं और सरकार ने उन्हें राजस्व बोर्ड में नियुक्त किया है। अमिताभ ने सवाल उठाया कि सरकार को जनता को बताना चाहिए कि किस आधार पर घोटाले के एक आरोपी की बहाली की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed