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अब शहीद दरोगा मनोज की लड़ाई लड़ेंगे IPS अमिताभ

Sun, 01 Nov 2015 03:56 AM IST
Updated Sun, 01 Nov 2015 03:56 AM IST
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ips amitabh thakur meet shaheed sub inspector manoj mishra

सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन कर रहे शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के परिवार वालों को 18वें दिन आईपीएस अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर के आने के बाद इंसाफ की उम्मीद जगी है। शनिवार को आईपीएस अमिताभ ठाकुर अपनी पत्नी नूतन संग हरदासपुर पहुंचे और परिवारीजनों के साथ अनशनस्थल पर बैठे।

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उन्होंने कहा कि वह शहीद दरोगा के परिवार की लड़ाई लड़ेंगे और सीबीआई जांच कराकर रहेंगे। साथ ही जियाउल हक की तरह 50 लाख का मुआवजा दिलाने और शहीद का दर्जा दिलाएंगे। इसके लिए पत्नी की तरफ से न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। यह केस वह अधिवक्ता के रूप में नि:शुल्क लड़ेंगी।
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मालूम हो कि हरदासपुर निवासी मनोज मिश्रा की फरीदपुर बरेली में पशु तस्करी को रोकने को लेकर मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दरोगा मनोज मिश्रा की पशु तस्करों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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शहीद मनोज मिश्रा के परिवार वालों ने पुलिस महकमे पर साजिशन हत्या करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच, 50 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार में दो लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग कर 14 अक्तूबर से अनशन शुरू कर दिया था। 18वें दिन भी अनशन जारी रहा। पत्नी नूतन के साथ आए आईपीएस अमिताभ ने परिवार के मुखिया श्याम मुरारी मिश्रा तथा मनोज मिश्रा के बच्चों और पत्नी शशि मिश्रा से मिलकर उनको सांत्वना दी।

'मुलायम को बचाने के लिए लगाई गई एफआर'

ips amitabh thakur meet shaheed sub inspector manoj mishra

निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के मामले में लखनऊ की हजरतगंज पुलिस द्वारा एफआर लगाने पर अमिताभ ने सपा सरकार और मुलायम सिंह यादव पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि विवेचक ने अपने कर्तव्यों की परवाह नहीं की है। वह 16 नवंबर को कोर्ट में पेश होकर अपनी बात रखते हुए सभी को घेरेंगे। उन्होंने कहा है कि मुलायम सिंह से लड़ाई जारी रहेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2015 को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें फोन पर धमकी दी थी, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट 24 सिंतबर को लखनऊ की कोतवाली हजरतगंज में दर्ज की गई थी। उनका कहना है कि मुलायम सिंह को बचाने के लिए मुख्यमंत्री के दबाव में विवेचक ने एफआर लगा दी है, क्योंकि विवेचक ने विवेचना न करके सिर्फ उनके (अमिताभ) चरित्र पर ध्यान दिया है, जबकि उन्हें आपराधिक अनुसंधान के अंतर्गत विवेचना करनी चाहिए थी।

विवेचना में मुलायम सिंह ने फोन किया या नहीं? फोन में जसराना की घटना याद दिलाई गई थी, जिसमें जसराना की घटना क्या थी? मुलायम सिंह क्या कहते है? इन सब बातों का उल्लेख न करके विवेचक ने सिर्फ उनके द्वारा इससे पहले दर्ज कराए गए मुकदमों का हवाला देकर लिखा है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर मात्र प्रचार पाने के लिए मुकदमे दायर करते हैं। मेरी ओर से दर्ज कराए मुकदमे की विवेचना न करके मेरे बारे में व्यक्तिगत राय दी गई है। अब उन्हें 16 नवंबर को कोर्ट में बुलाया गया है तो वह अपनी बात रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया है कि कोर्ट में उनकी बात सुनी जाएगी।

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