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गडकरी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच आरंभ्ा
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Oct 2012 10:59 PM IST
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भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। सरकार ने गडकरी पर जांच का शिकंजा कस दिया है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और आयकर विभाग ने गडकरी की कंपनियों में हुए निवेश की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने गडकरी की कंपनियों की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। यह जांच मुंबई और नागपुर स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज कर रहा है। जहां गडकरी की पूर्ति पावर और शुगर लि. है। आयकर विभाग भी उनकी कंपनियों के खातों को खंगालने में जुट गया है।
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गौरतलब है कि गडकरी की कंपनी पर लगे गोलमाल के आरोपों के सामने आने के साथ ही कॉरपोरेट मामलों के मंत्री वीरप्पा मोइली ने जांच कराने की बात कही थी। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी गडकरी पर आरोपों की जांच के लिए प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। गडकरी हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए किसी भी जांच के लिए तैयार होने की बात कह चुके हैं। सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि शुरुआती जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद आगे की पड़ताल मंत्रालय के गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को सौंपी जा सकती है।
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मालूम हो गडकरी के स्वामित्व वाली पूर्ति पावर एंड शुगर लि. में हुए निवेश को लेकर उन पर उंगली उठ रही है। आरोप है कि आइडियल रोड बिल्डर्स (आईआरबी) समूह की कंपनी ग्लोबल सेफ्टी विजन ने पूर्ति को 164 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। जबकि गडकरी के वर्ष 1995 से 1999 के दौरान महाराष्ट्र में लोक निर्माण मंत्री रहते हुए आईआरबी को कई ठेके मिले। पूर्ति में 16 अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी है। यह बात भी सामने आई है कि इन कंपनियों के शुरुआती निदेशक गडकरी के ड्राइवर और अन्य कर्मचारी रहे हैं।
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यह भी आरोप है कि इन कंपनियों के दफ्तरों के पते भी फर्जी रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग भी अपने स्तर पर गडकरी की पूर्ति पावर और उसमें निवेश करने वाली करीब 18 कंपनियों की डील की जांच कर इनके खातों को खंगालने की कसरत में जुट गया है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर आयकर विभाग अपनी तरफ से भी कर चोरी के मामलों में कार्रवाई कर सकता है।
पूर्ति समेत 32 कंपनियों पर नजर
गडकरी की पूर्ति पावर एंड शुगर कंपनी की जांच की जिम्मेदारी कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने नागपुर और मुंबई रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी कार्यालय को सौंपी है। गड़बड़ी मिली तो आगे की जांच के लिए गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को सौंपा जा सकता है। वहीं, आयकर विभाग ने पूर्ति पावर में निवेश करने वाली 22 से अधिक कंपनियों को भी नोटिस भेजा है। वैसे विभाग के जांच के दायरे में 32 कंपनियां हैं।
श्ारद का बयान
गडकरी खुद ही जांच की मांग कर चुके हैं। वह खुद ही मीडिया के सामने आरोपों पर अपनी स्थिति साफ कर चुके हैं।
शरद यादव, जदयू प्रमुख
सुषमा का आरोप
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में नए रिकॉर्ड कायम किए हैं। जब कांग्रेस नेताओं के चेहरों पर कालिख पोती जाती है तो वे हमें भी बदनाम करने की कोशिश करते हैं। अब उन्होंने पार्टी अध्यक्ष गडकरी पर आरोप लगाए हैं। लेकिन गडकरी ने खुद जांच कराने की मांग की है क्योंकि उन्हें भरोसा है कि उनके खिलाफ कुछ गलत नहीं मिलेगा।
सुषमा स्वराज, भाजपा