भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की बड़ी घुसपैठ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौर के बीच चीनी सेना ने भारतीय सीमा पर फिर घुसपैठ कर दी है।
पिछले तीन दिन में चीनी सेना लद्दाख के चुमार और डेमचक में दो बार घुसपैठ कर चुकी है।
हालांकि सीमा पर सतर्क भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सेना की कोशिश को नाकाम कर दिया और भारतीय क्षेत्र में ज्यादा अंदर तक घुस पाने से पहले ही चीनी सैनिकों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया गया।
मालूम हो कि मोदी और जिनपिंग की मुलाकात में सीमा विवाद हल करने पर जोर दिया गया है।
भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को वापस भेजा
सूत्रों ने बताया कि घुसपैठ की ताजा घटना मंगलवार को डेमचक सेक्टर में चार्डिंग नीलू नल्लाह जंक्शन पर हुई। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक तड़के अपने वाहनों से इस इलाके में घुस आए।
इस इलाके को अपना बता रहे चीनी सैनिक वहां गश्त करना चाहते थे, लेकिन भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों ने उन्हें वहीं रोक दिया। दोनों पक्ष 30 मिनट तक आमने सामने रहे।
दोनों तरफ से एक-दूसरे को एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाने के बैनर भी दिखाए गए। इसके बाद पीएलए के सैनिक अपनी सीमा में वापस चले गए।
इससे पहले 13 जुलाई को चीनी सैनिक घोड़ों पर बैठकर चुमार इलाके में घुस आए थे। जहां भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें रोका और यहां भी दोनों तरफ से बैनर दिखाए गए। कुछ देर बाद चीनी सैनिक अपने इलाके में लौट गए। सूत्रों के मुताबिक यह घटना पैट्रोल प्वाइंट नंबर 62 पर हुई।
चुमार पर है चीन की नजर
लेह के 300 किमी पूर्व में स्थित चुमार में चीनी सेना घुसपैठ करती रही है। पिछले साल दौलत बेग ओल्डी में चीनी घुसपैठ के बाद दोनों देशों के जवान करीब 15 दिनों तक एक-दूसरे के सामने डटे रहे थे।
भारतीय सेना की ओर से अपने कुछ बंकर तोड़े जाने के बाद ही चीनी सैनिक वहां से लौटे थे। चीनी हेलीकॉप्टर लगभग हर साल ही यहां घुसपैठ करते रहे हैं।
चुमार हिमाचल और लद्दाख की सीमा पर स्थित एक गांव है। चीन की तरफ से इस इलाके तक पहुंचना मुश्किल है, जबकि भारतीय सेना ने यहां तक सड़क बना रखी है।