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'देश में बढ़ी असहिष्णुता, सरकार लगाए लगाम'
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Nov 2015 09:53 PM IST
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देश के जाने-माने पत्रकार कुलदीप नैयर ने कहा है कि पिछले छह-सात महीनों से देश में असहिष्णुता बढ़ी है लेकिन यह अभी ‘खतरनाक स्तर’ तक नहीं पहुंची है।
साथ ही उन्होंने कहा कि चरमपंथी तत्वों पर लगाम लगाना सरकार की जिम्मेदारी है। संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में नैयर ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी पार्टी के नेताओं से साफ कहना चाहिए कि वे जिस तरह की भाषा इस्तेमाल करते हैं वह ‘स्वीकार्य नहीं’ हैं क्योंकि इससे लोगों के मन में भय उत्पन्न होता है।
नैयर ने कहा, 'मैं महसूस कर रहा हूं कि पिछले छह-सात महीनों में असहिष्णुता बढ़ी है। यह दूसरों की भी जिम्मेदारी है, लेकिन मुख्य कर्तव्य सत्ताधारी पार्टी और सरकार का है कि वे इस पर लगाम लगाएं। मोदी साहब को अपनी पार्टी के नेताओं से बात करनी चाहिए क्योंकि इससे लोगों में भय उत्पन्न पैदा होता है।'
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साथ ही उन्होंने कहा कि चरमपंथी तत्वों पर लगाम लगाना सरकार की जिम्मेदारी है। संविधान दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत में नैयर ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी पार्टी के नेताओं से साफ कहना चाहिए कि वे जिस तरह की भाषा इस्तेमाल करते हैं वह ‘स्वीकार्य नहीं’ हैं क्योंकि इससे लोगों के मन में भय उत्पन्न होता है।
नैयर ने कहा, 'मैं महसूस कर रहा हूं कि पिछले छह-सात महीनों में असहिष्णुता बढ़ी है। यह दूसरों की भी जिम्मेदारी है, लेकिन मुख्य कर्तव्य सत्ताधारी पार्टी और सरकार का है कि वे इस पर लगाम लगाएं। मोदी साहब को अपनी पार्टी के नेताओं से बात करनी चाहिए क्योंकि इससे लोगों में भय उत्पन्न पैदा होता है।'
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