'मोदी के इशारे पर मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही है पुलिस'
सवालः आज देश में नरेंद्र मोदी की लहर की बात की जा रही है। मोदी के बारे में आपका क्या कहना है?
भारत की अपनी विविधता है और यहां किसी एक व्यक्ति या धर्म की बात नही चल सकती। आरएसएस मोदी के मध्यम से सत्ता में आना चाहती है और इससे सिर्फ विनाश होगा। मोदी का सत्ता में आना देश के लिए अच्छा नही होगा।
अभी हाल ही में मोदी ने असम में कहा की राइनोस को इसलिए मारा जा रहा कि उन इलाक़ों में बांग्लादेशियों का बसाया जा सके। ये किस तरह का तर्क है? यह मोदी की मानसिकता को दर्शाता है।
'मोदी के इशारे पर काम कर रही है एजेंसियां'
सवालः ऐसा आपको क्यों लगता है?
पुलिस और बाकी एजेंसियां आज मोदी के इशारे पर मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही हैं। अभी 23 मार्च को हैदराबाद के मौलाना अब्दुल कवि को गुजरात पुलिस ने दिल्ली के हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया, जब वे देवबंद के लिए जा रहे थे।
मौलाना कवि को पहले भी 2003 में गिरफ्तार किया था पर उनके खिलाफ सारे मुक़दमे ग़लत थे और कोर्ट ने उनके सब में बरी कर दिया था। ऐसे में फिर से बिना किसी केस के उन्हें उठा लिया गया। ये सब क्या है? जनता सब देख रही है और हमें इस सब पर अपनी तरफ से कुछ कहने की जरूरत नही है।
'हम घोषणापत्र की राजनीति नही करते'
मेरी अपनी और पार्टी की पहली प्राथमिकता अपनी मौजूदा सीटों को और मजबूत करने की है। उसके बाद हम आगे बढ़ेंगे। हम हैदराबाद के बाहर, निजामाबाद और जाहिरबाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
सवालः तेलंगाना में आज दलित मुस्लिम राजनीति की बात की जा रही है। क्या ये आपके घोषणापत्र आएगा?
हम घोषणापत्र की राजनीति नही करते, ना ही घोषणापत्र जारी करते हैं। हम काम करते हैं और हमारा काम ही बोलता है। दलितों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इमें हम उनका पूरा साथ देंगे।
दलितों और मुसलमानों के साथ के हिमायती
सवालः क्या आप अपनी पार्टी से दलितों को टिकट देंगे?
तेलंगाना बनने के दलितों और मुसलमओं का साथ आना ज़रूरी है। यह वक्त की ज़रूरत है। हम दलितों और मुसलमानों के साथ आने के हिमायती हैं। आप देखिएगा, हमारी लिस्ट तो आने दीजिए। बातचीत चल रही हैं।
सवालः अपने कल अपनी पार्टी की महिला इकाई बनाने की बात कही। यह पहली बार है। अभी क्या जरूरत महसूस हुई?
यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। महिलाएं हमारे समाज का आधा हिस्सा हैं और उनके सशक्तिकरण के लिए पढ़ाई, रोजगार और बाकी चीजों के साथ ही उनका राजनीतिक सशक्तिकरण भी जरूरी है। इसीलए हमने इस बार यह पहल की है।
'मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण मिले'
सवालः महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण पर आपका क्या कहना है। क्या आप अपनी पार्टी में यह करेंगे?
हम तो इससे पहले मुसलमानों को आरक्षण की बात कहते हैं। धर्म के नाम पर आरक्षण में भेदभाव क्यों? मुस्लिम महिलाओं को भी 33 फीसदी आरक्षण मिले, यह ज़रूरी है। हम महिलों को आगे लाएंगे।
सवालः बहुत सारे लोग आप पर तेलुगु और हैदराबाद के मुसलमानों में भेदभाव का आरोप लगाते हैं। क्या ये सही हैं?
हम भाषा के आधार पर मुसलमानों में भेदभाव नही करते हैं। मैं असमिया नही जनता, पर असम में जाकर मुसलमानों के हक की बात करता हूं, मैं कश्मीरी नही जानता पर कश्मीर में वहां के मुसलमानों की बात करता हूं। मैं कैसे तेलुगु मुसलमानों से भेदभाव कर सकता हूं?
'16 मई को इस सब कुछ पता चल जाएगा'
सवालः माना जाता है कि आपका और आपकी पार्टी का हैदराबाद के मुसलमानों पर प्रभुत्व है। आज मजलिस बचाओ तहरीक और अन्य कई व्यक्ति और दल इसे चुनौती देने लगे हैं। क्या आपका प्रभाव कम हो रहा है?
हम अपने लोगों के लिए काम करते हैं और लोग हमें चाहते हैं। हम कहीं ऐसी कोई चुनौती नही देखते। 16 मई को इस सबका पता चल जाएगा।
तहरीक का यदि इतना प्रभाव है तो उसने अभी नगरपालिकाओं के चुनाव में कहीं भी कोई प्रत्याशी खड़ा क्यों नही किया? क्यों चुनाव नही लड़ा?