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'बंद नहीं होना चाहिए दोनों देशों के बीच शुरू हुई बातचीत'

Sun, 03 Jan 2016 04:32 AM IST
Updated Sun, 03 Jan 2016 04:32 AM IST
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interview of former raw chief and former major

पठानकोट हमले को लेकर कई सवाल आम आदमी के मन में उमड़ रहे हैं। प्रमुख पांच सवालों को आसानी से समझने के लिए हमने सेवा निवृत्त मेजर जनरल राज मेहता और पूर्व रॉ प्रमुख दुल्लत ने बातचीत की। उन्होंने इनके बेबाकी से जवाब दिए।

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सवाल 1. पठानकोट के आतंकी किस रास्ते से आए और कैसे अंदर तक घुस गए ?

जवाब : इस बार भी बमियाल से ही आए आतंकी। नगरी-सांबा से नरोटा जैमल सिंह के रास्ते पठानकोट पहुंचे।

सवाल 2. आतंकी रेलवे स्टेशन या भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात कर सकते थे, लेकिन उन्होंने वायुसेना अड्डे को ही क्यों चुना ?

जवाब :
यह आतंकियों की तरफ से अघोषित युद्ध है। वे सीमा पर तैनात जवानों के हौसले पस्त करना चाहते हैं। पांच माह पहले दीनानगर, फिर जम्मू में जिसमें आतंकी नावेद पकड़ा गया था, अप्रैल 2015 में पंजाब-जम्मू बार्डर पर सेना के जवानों पर फायरिंग की थी।
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पाक फौज नहीं चाहती कि भारत-पाक में वार्तालाप हो

interview of former raw chief and former major

सवाल 3. यदि आतंकियों ने गुरदासपुर के एसपी व दो साथियों को अगवा किया था तो बाद में जीवित क्यों छोड़ दिया ?

जवाब : मामला शक के दायरे में है। इसलिए आईबी उठाकर ले गई है।

सवाल 4. क्या इस आतंकी वारदात के बाद भारत-पाक के बीच शुरू हुई बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित होगी ?

जवाब : कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वैसे भी हमला व बातचीत को अलग-अलग रखकर देखना चाहिए और वार्तालाप बंद नहीं होना चाहिए।

सवाल 5. कहीं मोदी की लाहौर यात्रा से बौखलाने के बाद आईएसआई-पाक सेना व आतंकियों ने मिलकर तो नहीं की यह कार्रवाई ?

जवाब : बिलकुल सही है। पाक फौज नहीं चाहती कि भारत-पाक में वार्तालाप हो। उन्हें बातचीत में पाक फौज को शामिल नहीं करना भी नागवार गुजर रहा था। भारत ने कुछ हेलीकाप्टर अफगानिस्तान को दिए हैं, जो पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने है। इस बात से भी पाकिस्तानी सेना नाराज है।

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