डाकिए की बीवी का ये कारनामा सुन चौंक जाएंगे आप!
अलीगढ़ के नजदीक बिस्वा गांव में एक पोस्टमैन की पत्नी ने करीब 200 आधार कार्डों को रद्दी समझ कबाड़ वाले के पास बिकने के लिए भेज दिया। दरअसल पोस्ट मैन कुछ आधार कार्डों को अपने घर पर ले आया था और उसकी पत्नी ने घर की साफ सफाई के दौरान उन आधार कार्डों को भी रद्दी के साथ शामिल कर उसे बेचने के लिए कबाड़ वाले के पास भेज दिया था। हालांकि एक राहगीर की सावधानी से इन आधार कार्डों को कबाड़ में बिकलने से पहले ही बचा लिया गया।
अलीगढ़ के पोस्ट ऑफिस में काम करने वाला बालकिशन कुछ आधार कार्डों को अपने घर ले आया था। उसने शायद यही सोचा होगा कि वो इन आाधार कार्डों को कोल तहसील में एक साथ वितरित कर देगा, लेकिन उसने यह कल्पना बिल्कुल भी नहीं की होगी कि उसकी पत्नी घर की साफ सफाई के दौरान उन कार्डों को भी रद्दी समझ बैठेगी। पोस्टमैन की पत्नी ने अपने बेटे को बुलाकर उस सामान को पास वाले कबाड़ वाले के यहां बेचने के लिए भेज दिया।
गनीमत रही कबाड़ वाला दुकान पर नहीं मिला
यह गनीमत रही कि उसके बेटे को कबाड़ वाले के यहां अपनी रद्दी बेचने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा। कबाड़ वाला अपनी दुकान पर नहीं था और उसका लड़का उस वक्त दुकान पर था। बालकिशन के लड़के ने अपनी सारी रद्दी को उसकी दुकान पर पलट दिया, लेकिन कबाड़ वाले का लड़का कबाड़ की सही कीमत नहीं लगा पाया जिसके कारण उसने बालकिशन के लड़के को इंतजार करने को कह दिया।
इतने में एक राहगीर की नजर दुकान पर पड़ी उसने देखा कि कुछ आधारकार्ड कबाड़ वाले की दुकान पर फैले पड़े हैं। उसने तुरंत इस बात की पुलिस को इत्तला दी। जिला प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी गई। इग्लास पुलिस थाना के क्षेत्राधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस हलचल को देख पोस्टमैन का बेटा हड़बड़ी में उन आधार कार्डो को उठाकर घर वापस ले गया। अधिकारी ने बताया कि कि उन्होंने जब पोस्टमैन की पत्नी से पूछा तो हमें मालूम चला कि उसकी पत्नी ने गलती से उन कार्डों को रद्दी समझ लिया था।
डाक विभाग से मांगी गई है जानकारी
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने अलीगढ़ से डाक विभाग से इस मामले में जानकारी मांगी है। पुलिस का कहना है कि वो इस मामले में तभी जांच शुरू करेगी जब जब कोई इस मामले पर शिकायत करेगा। एसडीएम ने कहा कि हमने अलीगढ़ के डाक विभाग से संपर्क किया है और कहा है कि वो इस मामले को अपने स्तर पर देखें, अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस मामले में कोई कदम उठाएगी।
वहीं इस मामले को देख रहे डाक विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम पुलिस में इस मामले को दर्ज कराएंगे और अगर जरूरत पड़ी तो वो इस मामले की जांच भी करेंगे।