यूएन ने मानी मोदी की बात, 21 जून को योग दिवस
आखिर संयुक्त राष्ट्र ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बात मान ही ली। योग के प्रचार प्रसार के लिए प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के आह्वान को स्वीकारते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर दी है।
इसे दुनियाभर में भारत के बढ़ते दबदबे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बढ़े कद के तौर पर भी देखा जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के इस कदम के साथ ही दुनियाभर में योग को और लोकप्रिय बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
बताते चलें कि कुछ दिन पूर्व अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासंघ की सभा को भी संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने योग की महत्ता से दुनियाभर को परिचित कराते हुए संयुक्त राष्ट्र से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील की थी।
175 देशों ने किया प्रस्ताव का समर्थन
प्रधानमंत्री की इस अपील का असर भी जल्द ही दिखा जब संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर दी। हैरत की बात ये रही कि संयुक्त राष्ट्र के 69 वें अधिवेशन में 175 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
इससे दुनियाभर में योग की लोकप्रियता का अंदाजा भी लग जाता है। वहीं अधिवेशन के प्रेजिडेंट सैम कुटेसा ने अपने संदेश में कहा कि 175 से अधिक देशों द्वारा इस प्रस्ताव को समर्थन देने से पता चलता है कि योग दुनियाभर के लोगों को कितना आकर्षित कर रहा है।
दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के इस निर्णय पर मोदी ने खुशी जताई। उन्होंने तुरंत इस पर ट्विट करते हुए कहा कि 'प्रफुल्लित! संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की स्वीकृति पर खुशी जताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं।'