एलओसी से अधिक संवेदनशील है अंतरराष्ट्रीय बार्डर
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आतंकियों की घुसपैठ के मामले में भारत - पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) की तुलना में अंतरराष्ट्रीय सीमा अधिक संवेदनशील है।
एलओसी पर सेना की तैनाती है जबकि बार्डर की सुरक्षा बीएसएफ के हवाले है। आतंकियों की घुसपैठ के लिए पाकिस्तान सेना कवर फायरिंग के तहत सीजफायर का उल्लंघन करती है।
सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं बार्डर पर अधिक होती है। तस्करी के मामले भी बार्डर से ही ज्यादा दर्ज होते रहे हैं। पाकिस्तान के लिए जासूसी के मामले में बीएसएफ के सेवानिवृत और कार्यरत कर्मियों समेत 34 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने पठानकोट हमले के संदर्भ में बार्डर पर सुरक्षा कमियों की ओर इशारा किया है।
एलओसी पर तारबंदी भारतीय सीमा के अंदर है। तारबंदी से एक -दो किलोमीटर आगे भारतीय फौज के अग्रिम पोस्ट हैं। वहां सेना की पेट्रोलिंग लगातार होती है और 24 घंटे युद्ध क्षेत्र मानकर सुरक्षा व्यवस्था सेना के जवानों के हवाले है। एलओसी से घुसपैठ की स्थिति के अधिकांश मामलों में आतंकी मारे जाते हैं या फिर उन्हें वापस खदेड़ दिया जाता है।
एलओसी पर सेना और बार्डर पर बीएसएफ की है तैनाती
सूत्रों के मुताबिक 2012 से अबतक एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की 596 घटनाएं हुईं जबकि बार्डर पर पाकिस्तान ने 848 बार सीजफायर का उल्लंघन किया। अधिकांश मामलों में यह आतंकियों की घुसपैठ के लिए कवर फायरिंग थी। इस अवधि में 206 आतंकी घुसपैठ मे सफल रहे हैं।
इनमें से सिर्फ दो को जिन्दा पकड़ा जा सका। इस दौरान एलओसी पर घुसपैठ का प्रयास करने वाले 140 आतंकियों को सेना के जवानों ने मार गिराया जबकि एलओसी और बार्डर के जरिए घुसपैठ का प्रयास करने वाले 414 आतंकी वापस पाकिस्तान सीमा और पीओके वापस खदेड़े गए।
पाकिस्तान सेना द्वारा सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में सेना के 11 जवानों की जवान शहीद हुए हैं जबकि 19 नागरिकों को भी जान गंवानी पड़ी है।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी के आरोप में इस साल बीएसएफ के एक सेवा निवृत कर्मी को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आफिसियल सिक्रेट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पाकिस्तानी जासूसी माड्यूल को निष्क्रिय करने के प्रयास में 2013 से अबतक 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार लोगों में सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत कर्मियों की संख्या 12 है। इस आरोप में 20 नागरिकों को भी पकड़ा गया है। श्रीलंका के एक और पाकिस्तान के एक नागरिक की भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।