फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   internal security framework will fit in india

'मामूली चूक से एनएसए सेक्रेट्रिएट चिंतित'

Sun, 03 Jan 2016 05:39 AM IST
Updated Sun, 03 Jan 2016 05:39 AM IST
विज्ञापन
 internal security framework will fit in india

शुक्रवार को पठानकोट के एसपी का अपहरण और ठीक अगले दिन तड़के सुरक्षा चेतावनियों के बाद भी आतंकियों ने पठानकोट के सामरिक महत्व वाले एयरफोर्स स्टेशन पर हमला बोल दिया। खास बात यह है कि चेतावनी से लेकर सुरक्षा तैयारियों के क्रम में खुद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कमान संभाली थी।

विज्ञापन


उच्चपदस्थ सूत्र बताते हैं कि इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों के बीच हुई मामूली चूक से एनएसए सेक्रेट्रिएट चिंतित है। समझा जा रहा है कि जल्द ही आंतरिक सुरक्षा के ढांचे में इसके बाबत माकूल बदलाव किया जा सकता है।
विज्ञापन


हालांकि वायुसेना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि घुसपैठ की आशंका से संबंधित खुफिया जानकारी होने के मद्देनजर वायुसेना की तरफ से एहतियाती कदम उठाए गए थे। प्रभावी तैयारियों के चलते ही आतंकी वायुसैनिक स्टेशन के टेक्निकल एरिया में नहीं घुस सके और बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

हुई उच्च स्तरीय बैठक

 internal security framework will fit in india

विज्ञप्ति जारी होने तक कार्रवाई जारी है और वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख खुद पठान कोट से सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाये हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुख्ता इंतजाम होने के बाद आतंकियों का वायुसैनिक अड्डे के भीतर प्रवेश भी रोका जा सकता था।

इस प्रकरण में शनिवार को पठानकोट पर हमले की सूचना आने के बाद से ही एनएसए सेक्रेट्रिएट काफी सक्रिय रहा। वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल अरुप राहा, वेस्टर्न कमान तथा पंजाब पुलिस से सीधा संपर्क बना रहा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घटना के संदर्भ में जानकारी दी जाती रही।

शनिवार की सुबह रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर गोवा में थे। उनके आने के बाद सुरक्षा मामलों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें रक्षा मंत्री, एनएसए, तीनों सेनाओं के प्रमुख, गृह मंत्रालय और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

अभी कुछ कहना जल्दबाजी:स्वरूप

 internal security framework will fit in india

पठानकोट वायुसैनिक हवाई अड्डे पर आतंकी हमला और भारत पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता प्रक्रिया पर इसके असर को लेकर विदेश मंत्रालय अभी वेट वॉच की मुद्रा में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप का कहना है कि हम जांच नतीजे के तथ्यों पर गौर कर रहे हैं।

स्वरुप से जब यह जानने की कोशिश हुई कि क्या 15 जनवरी को इस्लामाबाद में प्रस्तावित भारत-पाक सचिव स्तरीय वार्ता होगी तो उन्होंने कहा कि अभी इलेक्ट्रानिक डिवाइस आदि की पड़ताल करके तथ्य इकट्ठा किए जा रहे हैं।

सूचनाओं का विश्लेषण करके पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इसमें किसी सरकारी एजेंसी का हाथ है अथवा नहीं। स्वरुप का कहना है कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। तथ्यों के सामने आने के बाद ही इस बारे में कुछ भी कहा जा सकेगा।

आंतरिक सुरक्षा को और चुस्त किए जाने की जरूरत

 internal security framework will fit in india

वहीं सुरक्षा में चूक के सवाल पर पूर्व रॉ प्रमुख एएस दुल्लत का कहना है कि कहीं न कहीं समन्वय की कमी रही है। पंजाब पुलिस काफी अच्छी है। एयरफोर्स स्टेशन पर भी सुरक्षा के उम्दा इंतजाम होते हैं, लेकिन कहीं न कहीं चूक हुई है। इसी स्थान पर एक घटना और फिर दूसरी घटना का होना इसी तरफ ईशारा करता है।

रक्षा मामलों के जानकार सुशांत सरीन का भी कहना है कि हमने आतंकियों को वायुसैनिक हवाई अड्डे के अधिक भीतर जाने से रोक लिया और सुरक्षा बलों ने मार गिराया, लेकिन जिस तरह से कल पुलिस सुपरिटेंडेंट का अपहरण हुआ और शनिवार की सुबह आतंकी हमला, यह कहीं न कहीं सुरक्षा व्यवस्था में समन्वय में कुछ कमी की तरफ संकेत कर रहा है।

रक्षा मामलों के जानकार मारुफ रजा का भी मानना है कि आंतरिक सुरक्षा को काफी चुस्त दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। हांलाकि रजा का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियां काफी चौकस थी। यही वजह है कि आतंकियों का आत्मघाती दस्ता सामरिक महत्व के विमानों आदि तक पहुंचकर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सका।

काफी चुस्त होती है वायुसैनिक हवाई अड्डे की सुरक्षा

 internal security framework will fit in india

वायुसैनिक हवाई अड्डे की सुरक्षा काफी चुश्त होती है। संवाददाता को कई एयरफोर्स स्टेशन पर जाने का अवसर मिला है। पठानकोट उनमें से एक है।

वायुसैनिक हवाई अड्डे के चारो ओर कटीले तार की बाड़, सशस्त्र सुरक्षा गार्डों, डॉग स्क्वॉयड का पहरा तथा निगरानी का पूरा तंत्र होता है।

पटानकोट वायुसैनिक हवाई अड्डा काफी सामरिक महत्व वाला है। इसकी सुरक्षा काफी पुख्ता इंतजाम हैं। दिन हो रात हवाई अड्डे के टेक्निकल एरिया के भीतर परिंदे का पर मारना इतना आसान नहीं होता।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed