बांग्लादेश से मिले इंटरसेप्ट कॉल से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
केंद्रीय एजेंसियां बांग्लादेश से इंटरसेप्ट हुई एक कॉल की गंभीरता से विश्लेषण कर रही है। एजेंसियों का मानना है कि बांग्लादेश समेत दक्षिण एशिया के कुछ देशों में मौजूद आतंकी संगठन आपस में मिलकर आईएसआईएस को मदद करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
इसके लिए 26 जनवरी परेड के खास मेहमान बन कर आ रहे फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के मौजूदगी में वारदात को देश में अंजाम देने का अच्छा मौका मान रहे हैं।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियां परेड के दौरान दिल्ली में किसी भी वारदात को रोकने का दावा कर रही हैं। लेकिन एहतियात के तौर पर गृह मंत्रालय ने सभी एजेंसियों को अलर्ट जारी किया है।
कॉल इंटरसेप्ट होने से मिले हैं कई सुराग
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के हिजबुल तहरीर नाम के आतंकी संगठन की इंटरसेप्टेड कॉल एजेंसियों के हाथ लगी है।
इसमें दो शख्स की बातचीत के दौरान किसी डॉक्टर के मेडिसिन लेकर भारत आने की बात हो रही है। खुफिया एजेंसियों को शक है कि 26 जनवरी से पहले भी किसी बड़े वारदात को अंजाम दिया जा सकता है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की आईएसआईएस पर हुई बैठक में भारत के पड़ोस में इस आतंकी संगठन के पैठ की खुफिया खबर पर गंभीर मंत्रणा हुई है।
गृह मंत्रालय से जारी सूचना में राजनाथ सिंह ने बांग्लादेश का नाम लिए बिना कहा कि पड़ोस में आईएसआईएस की मौजूदगी चिंता का विषय है।
गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी के मुताबिक किसी भी आतंकी संगठन का राजपथ पर पहुंच कर वारदात करने का तो सवाल नहीं उठना चाहिए लेकिन अगर आतंकी देश के दूसरे कोने में भी वारदात कर देते हैं तो यह उनके लिए बड़ी जीत साबित होगी। लिहाजा सभी राज्यों को आगाह किया गया है कि इस मामले में कोई जोखिम नहीं उठाया जाए।