गिरफ्त में आए नेट-बैंकिंग से ठगी करने वाले
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बिजनौर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले अंतर्राज्यीय साइबर चोर गैंग के तीन सदस्यों को दबोचा है। यह गैंग कई व्यक्तियों के बैंक खातों से रुपए उड़ा चुका है।
एसपी सिटी कल्पना सक्सेना के मुताबिक चांदपुर थाने के गांव बूंदरा कला निवासी बिजेंद्र ने 24 दिसंबर को अपने खाते से फर्जी मोबाइल नेट बैंकिंग के जरिए साढ़े चार लाख रुपए निकालने की शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने सेंट मेरीज चौराहे से हीमपुर थाने के गांव कश्मीरीपुर निवासी गजेंद्र, रविंद्र और संप्रदाय नगर थाना वृंदावन जिला मथुरा निवासी दीपक गोविल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से बैंक संबंधी दस्तावेज, नेट बैंकिंग में प्रयुक्त मोबाइल बरामद किया है।
पकड़े गए गैंग के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि गैंग का सरगना गजेंद्र उर्फ रिंकू हैं। गैंग दिल्ली में रह कर फर्जी तरीके से खाताधारकों का नाम पता मालूम कर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेता है। बैंक में अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करा नेट बैंकिंग शुरू करा देते हैं। फिर मोबाइल बैंकिंग द्वारा खातेदार के रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर निकाल लेते हैं।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर निकाले गए रुपए
बूंदरा कला के बिजेंद्र के भी फर्जी दस्तावेज तैयार करके इसी तरह रुपए निकाले गए। रिंकू ने पुलिस को बताया कि गांव बुलंदी राजाका ताजपुर निवासी पवन चौहान ने बिजेंद्र के आईसीआईसीआई बैंक खाते की जानकारी दी और खाते से रुपए निकालने की योजना बनाई।
इसके बाद रिंकू और बंटी हरिद्वार में आईसीआईसीआई बैंक की ब्रांच में गए। गैंग के एक सदस्य बंटी ने बैंक कर्मचारी को अपना नाम बिजेंद्र बताया और 45 हजार रुपये की बीमा पॉलिसी करने को कहा। उसने पॉलिसी पर बिजेंद्र के हस्ताक्षर कर दिए।
बाद में असली हस्ताक्षर देख कर नेट बैंकिंग चलाने के लिए बिजेंद्र केनाम पर इंटरनेट बैंकिंग फार्म भर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी रजिस्टरर्ड करा दी। दीपक गोविल ने मोबाइल बैंकिंग के जरिए बिजेंद्र के खाते से साढ़े चार लाख रुपए बंगलूरू के एकाउंट में ट्रांसफर करा लिए।
दीपक ने एकाउंट से रुपए निकाल कर बांट दिए। एसपी सिटी के मुताबिक यह गैंग कई व्यक्तियों के खातों से धोखाधड़ी कर रुपये निकाल चुका है। पकड़ा गया गजेंद्र थाना तिलक नगर दिल्ली से फर्जी मोबाइल नेट बैंकिंग में तेहाड़ जेल जा चुका है। पीजीआई लखनऊ में भी उसके खिलाफ अभियोग पंजीकृत हैं।
गैंग लखनऊ में भी कर चुका है वारदात
गैंग लखनऊ में कैप्टन मोनिका गुप्ता के खाते से भी दो लाख रुपये उड़ा चुका है। दीपक गोविल ने अपनी पत्नी अनुराधा गोयल के नाम से फर्जी नाम पते से बंगलूरू में एकाउंट खोल रखा है।
इस एकाउंट में ही रुपए ट्रांसफर किए जाते हैं। इसके अलावा कई और बैंक खाते खुले हैं। एसपी सिटी के मुताबिक दीपक गोविल अपने एकाउंट में रुपए ट्रांसफर कराने के 30 प्रतिशत लेता है।
गैंग का सदस्य बंटी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। एसपी सिटी ने गैंग को पकड़ने वाले पुलिस टीम में शामिल शहर कोतवाल अजय गौतम, सर्विलांस प्रभारी संजय तोमर, चंद्रकांत यादव समेत पूरी टीम को ईनाम देने की घोषणा की है।