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'बगैर धर्म बदले अंतर-धर्म विवाह मान्य नहीं'

Fri, 20 Nov 2015 03:33 AM IST
Updated Fri, 20 Nov 2015 03:33 AM IST
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Inter-religious marriage is not valid without a religion instead

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि बगैर धर्म परिवर्तन के हिंदू महिला और ईसाई पुरुष के बीच शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं हो सकती। ऐसी शादी की कानूनी मान्यता के लिए किसी एक को धर्म परिवर्तन करना होगा।

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मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस पी. आर. शिवकुमार और जस्टिस वीएस रवि ने एक युवती के माता-पिता की ओर से दायर याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर जोड़ा अपनी शादी हिंदू रीति-रिवाज से करना चाहता है तो ईसाई युवक को हिंदू बनना होगा।
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अगर ईसाई रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला किया जाता है तो युवती को ईसाई बनना होगा। अगर युवक-युवती शादी के लिए धर्म परिवर्तन नहीं करना चाहते तो वे स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 की मदद ले सकते हैं।
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कोर्ट ने कहा

Inter-religious marriage is not valid without a religion instead

याचिका दायर किए जाने के बाद अदालत में हाजिर हुई युवती ने कहा उसने पालानी के मंदिर में शादी की है। चूंकि युवक ईसाई है इसलिए अदालत ने पूछा कि अगर उसने हिंदू धर्म नहीं अपनाया तो हिंदू कानून के तहत शादी वैध कैसे हो सकती है।

बेंच ने कहा कि चूंकि लड़की बालिग है और अपनी मर्जी से कहीं भी जा सकती है। हालांकि युवती और युवक ने कानून के मुताबिक शादी नहीं की है।

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