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इंस्पेक्टर ने DSP को ऑफिस में मारी गोली

Tue, 06 Jan 2015 08:59 AM IST
Updated Tue, 06 Jan 2015 08:59 AM IST
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Inspector killed DSP than shot himself

मध्यप्रदेश के पृथ्वीपुर तहसील मुख्यालय पर सोमवार को एक पुलिस टीआई ने एसडीओपी की उनके ही कार्यालय में गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।

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ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद मौके पर पहुंचे अन्य पुलिस कर्मियों को दोनों की रक्तरंजित लाश मिली। वारदात को किस वजह से अंजाम दिया गया, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
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जानकारी के अनुसार सोमवार को पृथ्वीपुर थाने में पदस्थ पुलिस निरीक्षक प्रमोद चतुर्वेदी दोपहर करीब ढाई बजे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के एस मलिक के कार्यालय पर पहुंचे। वह एसडीओपी से उनके चैंबर में तकरीबन आधे घंटे तक बातचीत करते रहे।
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एसडीओपी कार्यालय में हुई दुस्साहसिक घटना

Inspector killed DSP than shot himself

अपराह्न करीब तीन बजे अचानक अंदर से गोलियां चलने की आवाज आई तो बाहर बैठे पुलिस कर्मी भाग कर चैंबर में पहुंचे। वहां दोनों अधिकारियों के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। के एस मलिक के सीने में तीन गोलियां लगी थीं, जबकि टीआई प्रमोद चतुर्वेदी के जबड़े पर गोली लगी पाई गई।

प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि टीआई प्रमोद चतुर्वेदी (50 वर्ष) ने एसडीओपी के एस मलिक (45 वर्ष) को ताबड़तोड़ तीन गोलियां मारकर पहले उनकी हत्या कर दी और बाद में उन्होंने अपनी कनपटी पर गोली मार कर खुदकुशी कर ली।

सूचना मिलते ही एडीशनल एसपी सुनील शर्मा व एसडीओपी निवाड़ी आरसी भोज मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को पूरी तरह से सील कर दिया।

टीकमगढ़ के एसपी के सरकारी कार्य से भोपाल में होने के कारण डीजीपी के आदेश पर दतिया के एसपी संजय कुमार पृथ्वीपुर पहुंच गए और मौके पर कार्यालय में मौजूद लोगों से पूछताछ की।

रहस्य बना विवाद का कारण

Inspector killed DSP than shot himself

देर शाम डीआईजी के सी जैन भी सागर से यहां पहुंचे। मंगलवार को डीजीपी भी आ सकते हैं। वारदात के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। लेकिन, तरह- तरह की चर्चा का बाजार जरूर गर्म है।

घटना स्थल पर मौजूद पुलिस कर्मियों और वारदात की सूचना पर पहुंचे अम्य लोगों की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि आखिर वह कौन सी बात थी, जिसके चलते टीआई ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठाया। इस मामले में सिपाही से लेकर अधिकारी तक कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं।

उनका कहना है कि जो भी विवाद हुआ है वह तात्कालिक था तथा दोनों ही लोग चैंबर के अंदर थे, इस कारण किसी को कोई जानकारी नहीं हो सकी। ऐसा समझा जा रहा है कि वरिष्ठ अफसरों के मौके पर पहुंचने के बाद ही घटना का कारण उजागर किया जाएगा।

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