आईएनएस अरिहंत बढ़ाएगी नौसेना की ताकत
पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल से दुश्मन के दांत खट्टे करने में सक्षम परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत नौसेना के बेड़े में शामिल होने के लिए तैयार है।
नौसेना मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक फरवरी में प्रस्तावित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू के दौरान इसे नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने की संभावना है। इसका समुद्री परीक्षण पूरा हो चुका है।
आईएनएस अरिहंत नौसेना की जरूरत के हिसाब से तैयार हुई पहली पनडुब्बी है। इसे संचालित करने के लिए भारत ने रूसी विशेषज्ञों से भी सहायता ली थी। यह पानी के भीतर नौसैनिक आपरेशन और परमाणु हथियारों से लैस मिसाइल से हमले करने में सक्षम है।
साथ ही परमाणु रिएक्टर से प्राप्त उर्जा से चलने तथा अन्य खूबियों के कारण लंबे समय तक गहरे पानी के भीतर भी रह सकती है। यह पनडुब्बी नौसेना के स्ट्रेटजिक प्रोग्राम का हिस्सा है, इसलिए नौसेना इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं करती है।
पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल युक्त पनडुब्बी
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक आईएनएस अरिहंत से दागी जाने वाली मिसाइल के-15(सागरिका) और के-4 का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है। दोनों मिसाइलें देश में ही विकसित हुई हैं।
भारतीय नौसेना की योजना इस तरह की पांच पनडुब्बियों को बेड़े में शामिल करने की है। दूसरी पनडुब्बी का निर्माण भी विशाखापट्टनम शिप बिल्डिंग सेंटर में करीब-करीब पूरा हो चुका है और 2019 तक उसे भी बेड़े शामिल किए जाने की उम्मीद है।