फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

बजट भाषण का इनपुट लीक, दो दिग्गज कंपनी शक के घेरे में

Sat, 21 Feb 2015 09:22 AM IST
Updated Sat, 21 Feb 2015 09:22 AM IST
विज्ञापन
input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी कांड ने सरकारी तंत्र में गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनके कब्जे से कई महत्वपूर्ण कागजों के साथ-साथ वित्त मंत्री के बजट भाषण में नेशनल गैस ग्रिड से जुड़े कुछ इनपुट भी मिले हैं। पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्रा का एक पत्र भी बरामद किया है।

विज्ञापन


दूसरी ओर शुक्रवार देर रात पकड़े गए पांच लोगों में सभी बड़ी कंपनियों के अधिकारी हैं। जिनमें एडीएजी के ऋषि आनंद, रिलायंस के शैलेश सक्सेना, एस्सार के विनय कुमार, केयर्न इंडिया के केके नायक और जुबलीलैंट एनर्जी के सुभाष चंद्रा शामिल हैं। सभी लोगों को दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने जासूसी कांड में गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ‘गोपनीय’ दस्तावेज की कथित चोरी का यह मामला वित्त, कोयला और ऊर्जा मंत्रालय तक फैला दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में शुक्रवार को रिलायंस और एस्सार ऑयल के अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है। उनकी जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने शुक्रवार को ऊर्जा क्षेत्र के दो निजी सलाहकारों प्रयास जैन और पूर्व पत्रकार शांतनु सैकिया को गिरफ्तार किया है। सैकिया वेब पोर्टल भी चलाता है। इस मामले में सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से चार आरोपियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार लालता प्रसाद के कब्जे से पेट्रोलियम मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट, श्रीलंका में भविष्य की संभावनाओं संबंधी दस्तावेज की कॉपी, पेट्रोलियम मंत्रालय के उप सचिव नलिन कुमार श्रीवास्तव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के दस्तखत वाले एक्सप्लोरेशन डिवीजन के दस्तावेज की भी कॉपी मिली है। एक अन्य आरोपी राकेश से ओएनजीसी विदेश द्वारा पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव के समक्ष दिए गए प्रेजेंटेशन की कॉपी, विदेशों में तेल व प्राकृतिक गैस के क्षेत्र पर विस्तृत नोट की कॉपी बरामद हुई है।

पीएम के प्रमुख सचिव का पत्र भी हुआ लीक

input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

इनके अलावा प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र्र मिश्रा के डीओ लेटर की कॉपी और प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा फारवर्ड किए गए नरेश चंद्र के पत्र पर पेट्रोलियम व गैस मंत्रालय के जवाब की कॉपी भी मिली है। लालता प्रसाद व उसके भाई राकेश से कई मंत्रालयों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र बरामद हुए हैं। लालता से डिफेंस ऑडिट सर्विस विभाग का पहचान पत्र भी मिला है। इस आईकार्ड में उसे लेखा परीक्षा अधिकारी बताया गया है।

पुलिस ने राकेश के कब्जे से 11 चाबियों का गुच्छा बरामद किया है। इसमें वह सभी चाबियां हैं, जिससे वह हर ताले को खोल लेता था। इसके अलावा उससे लोक जागृति पत्रिका प्रेस का परिचय पत्र भी बरामद हुआ है, जिसमें उसे प्रेस रिपोर्टर बताया गया है। ऐसा ही परिचय पत्रकार ड्राइवर राजकुमार चौबे से भी मिला है।

उधर, सातों आरोपियों को रिमांड में लेने के लिए मुख्य मेट्रो पॉलिटन मजिस्ट्रेट संजय खनागवाल की अदालत में पेश की गई एफआईआर में कहा गया है कि बरामद किए गए ‘गुप्त’दस्तावेज में वित्त मंत्री के आगामी बजट भाषण के लिए नेशनल गैस ग्रिड पर कुछ इनपुट की फोटो कॉपी भी शामिल है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इन लोगों के पास से मिले दस्तावेज ‘संवेदनशील’ हैं।

इसके बाद अदालत ने इनमें से पेट्रोलियम मंत्रालय के कर्मचारी लालता प्रसाद, राजेश कुमार और दोनों कंसलटेंटों  शांतनु सैकिया व प्रयास जैन 23 फरवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं पुलिस द्वारा ईश्वर सिंह, आशाराम और राजकुमार चौबे से पूछताछ की जरूरत से इनकार करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

देश की दो बड़ी कंपनियां घेरे में

input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज लीक करने मामले में पेट्रोलियम से जुड़ी देश की दो बड़ी कंपनियां घिरती हुई नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो उन्होंने रिलायंस और एस्सार ऑयल के अधिकारियों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इन कंपनियों के अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है।

पुलिस ने शुक्रवार को ऊर्जा क्षेत्र के निजी सलाहकारों प्रयास जैन और वेब पोर्टल भी चलाने वाले शांतुन सैकिया को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अभी कुल सात गिरफ्तारी हो चुकी हैं। इनमें से चार आरोपियों को पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूर्व पत्रकार शांतुन इंडियन पेट्रो ग्रुप से जुड़े हुए हैं और पेट्रोलियम मुद्दे पर वेब पोर्टल चलाते हैं। शांतुन का ऑफिस शाहपुरजाट में है। प्रयास जैन पटेल नगर स्थित मेलबर्न की एनर्जी नामक कंसल्टेंसी कंपनी में कंसल्टेंट हैं। दोनों आरोपियों के कब्जे से गोपनीय दस्तावेज मिले हैं। पुलिस आशाराम समेत गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार सुबह शास्त्री भवन स्थित उन कमरों में लेकर गई, जिन कमरों से दस्तावेज लीक होते थे।

पुलिस टीम ने ये जाना कि आरोपी कैसे कमरों केताले को खोलते थे। पुलिस टीम करीब दो घंटे तक  शास्त्री भवन में रही। इस मामले की जांच के लिए अपराध शाखा के करीब आठ इंस्पेक्टरों की देखरेख में टीमें बनाई गई हैं। अपराध शाखा की टीमें दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा, फरीदाबाद व दिल्ली समेत एनसीआर में कई जगहों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि इस मामले में जल्द ही कई और बड़ी गिरफ्तारियां होंगी।

पेट्रोलियम मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज चुराने वाले आरोपी बड़े अधिकारियों के कमरों से भी दस्तावेज चुराते थे। इन कमरों में कुछ निदेशक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ संयुक्त सचिव (रिफाइनरी) और संयुक्त सचिव (उत्खनन) के कमरे भी शामिल हैं।

कंसल्टेंसी फर्म सीईओ और पत्रकार से पूछताछ करेगी पुलिस

input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

पेट्रोलियम मंत्रालय जासूसी कांड में गिरफ्तार पत्रकार व विदेशी एजेंसी के सीईओ समेत चार आरोपियों को पूछताछ के लिये 23 फरवरी तक रिमांड पर लिया है। पुलिस के आग्रह पर तीन आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पटियाला हाउस कोर्ट सीएमएम संजय खनगवाल की कोर्ट में सात आरोपियों को पेश किया। पुलिस ने आवेदन दायर कर कंसल्टेंसी फर्म के सीईओ प्रयास जैन, पत्रकार शांतनु सेकिया, लालता प्रसाद व राकेश से पूछताछ के लिये रिमांड मांगा।

पुलिस ने अन्य तीन आरोपियों ईश्वर सिंह, आशाराम व राजकुमार चौबे को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया। अदालत ने इन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों से बेहद सवंदेनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी लालता प्रसाद व राकेश मंत्रालय से गोपनीय दस्तावेज की कॉपी चुराकर प्रयास जैन व शांतनु सेकिया को देते थे। इस काम के लिए प्रयास जैन हर माह राकेश व लालता प्रसाद को 40 हजार रुपये देता था।

आरोपियों में कौन क्या-क्‍या
आसाराम- पेट्रोलियम मंत्रालय में चपरासी का काम करता है। पेट्रोलियम मंत्री के कार्यालय में ही तैनात है।
ललिता प्रसाद- आसाराम का बेटा और 2012 तक मंत्रालय में मल्टी टास्किंग स्टाफ का काम करता था।
राकेश- आसाराम का दूसरा बेटा। मल्टी टास्किंग स्टाफ का काम करता था और अब दस्तावेज मंत्रालय से बाहर निकालने का काम करने लगा।
ईश्वर सिंह- पेट्रोलियम मंत्रालय में डिस्पैच क्लर्क का काम करता है।
शांतनु सैकिया- पूर्व पत्रकार शांतनु सैकिया पेट्रो से जुड़ा वेब पोर्टल चलाता है। वह आरोपियों से गुप्त दस्तावेज लेता था।
प्रयास जैन- कंसलटेंसी फर्म चलाता है। यह इन लोगों से गुप्त दस्तावेज खरीदता था।
राजकुमार चौबे- उस कार का ड्राइवर जिससे दस्तावेज लेने पहुंचे थे आरोपी।

खुफिया कैमरों से लैस होंगे मंत्रालय

input of budget speech was leaked, two big companies in Suspicion

उद्योग जगत के दबाव की परवाह किए बिना मोदी सरकार कारपोरेट जासूसी पर लगाम कसने को लेकर सख्ती बरतेगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के अलावा सरकार को कोयला और उर्जा मंत्रालय से जासूसी के कुछ संकेत मिले हैं। जल्द ही इन दोनों मंत्रालयों पर भी नकेल कसी जाएगी। सरकार ने मलाईदार मंत्रालयों को खुफिया कैमरो से लैस करने का निर्णय लिया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय में कैमरे लगाने का प्रयास मंत्रालय की ओर से दो माह पहले ही हुआ था। लेकिन कुछ विभागीय अधिकारियों की आपत्ति के बाद सरकार ने अपने कदम रोक लिए थे। मगर अब पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी का मामला सामने आने के बाद सरकार सतर्क हो गई है। अब जल्द ही तमाम आर्थिक मंत्रालयों को कैमरे से लैस किया जाएगा। इसके जरिये आने-जाने वाले हर एक व्यक्ति पर नजर रखी जा सकेगी।

देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने के जरिये जासूसी करने और मंत्रालय के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने के बाद सरकार का मानना है कि इससे उद्योग जगत में अच्छा संदेश जाएगा। सरकार अपने कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा दे रही है।

एक केंद्रीय मंत्री का कहना है कि गलत तरीकों को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। कारपोरेट जासूसी पर लगाम लगाई जाएगी। उक्त मंत्री ने कहा कि सरकार का संदेश स्पष्ट है कि वह गलत तरीकों को बर्दाश्त नहीं करेगी और पारदर्शी व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

वहीं एचडीएफसी प्रमुख दीपक पारिख की मोदी सरकार के कामकाज पर उठाए सवालों को भी सरकार ने हल्के में लिया है। सरकार के इस मंत्री का कहना है कि मोदी सरकार के आने के बाद निर्णय प्रक्रिया में तेजी आई है। दलगत भावना से उपर उठकर राज्य और केंद्र सरकार एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं।

वहीं सरकार जल्द ही अपने पिटारे से मेक इन इंडिया के तर्ज पर सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई योजना का लांच करेगी। सेवा क्षेत्र को उंचाई प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह स्वपनिल योजना अप्रैल में लांच होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed