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अच्छे नहीं जनता के लिए अब बुरे दिन आने वाले हैं!

Sun, 18 May 2014 07:42 AM IST
Updated Sun, 18 May 2014 07:42 AM IST
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Inflation will affect public in coming days

चुनाव आचार संहिता खत्म हो चुकी है। जनादेश देखते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की तैयारियां जोरों पर है।

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लेकिन आम आदमी के लिए अच्छे दिन आने के पहले उसे कुछ सख्त निर्णयों का बर्दाश्त करना होगा। प्राकृतिक गैस के दाम पर सरकार का रुख साफ होते ही बिजली, उर्वरक से लेकर समूचे कृषि क्षेत्र पर बढ़ी कीमतों की मार पड़ेगी।

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दामों में होगी बढ़ोत्तरी

Inflation will affect public in coming days

गैस की कीमत दोगुनी होते ही आम आदमी के लिए खाने-पीने की चीजों के साथ बिजली महंगी हो जाएगी। वहीं डीजल के दाम में भी एकमुश्त इजाफे और रेल किराये और मालभाड़े में इजाफे का निर्णय भी अब भाजपा सरकार को लेना है।
 
रेल मंत्रालय घाटे की भरपाई के लिए यात्री किराये में 14.2 फीसदी और मालभाड़े में 6.5 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव बना चुका है।

इस पर यूपीए के रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले अपनी मंजूरी दे दी और बाद में निर्णय भावी सरकार के पाले में डाल दिया।

भाजपा को लेने होंगे कड़े फैसले

Inflation will affect public in coming days

दरअसल अलग-अलग क्षेत्रों के तजुर्बेकार मानते हैं कि नई सरकार को अगले एक साल में कई ऐसे निर्णय लेने होंगे जिसका सीधा असर आम आदमी पर होगा। लेकिन इससे पीछे हटना संभव नहीं है।

रेलवे को घाटे से उबारने और पेट्रोलियम सब्सिडी का बोझ कम करने के लिए कड़े निर्णय लेना भाजपा सरकार की मजबूरी होगी।

बढ़ते राजकोषीय घाटे के बीच सरकार के सब्सिडी बोझ को कम करने के लिए जरूरी है कि डीजल, पेट्रोल और घरेलू गैस की कीमतों में एकमुश्त बड़ा इजाफा हो ताकि आर्थिक मोर्चे पर लड़खड़ाई स्थिति में सुधार हो सके।

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बजट सत्र में होंगे फैसले

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हालांकि कई ऐसी समस्याएं भी हैं जिसपर बजट सत्र में ही सरकार को निर्णय लेना पड़ सकता है। अगर इनपर निर्णय हुआ तो काफी हद तक आम आदमी को भी लाभ मिलेगा।

रिटेल और बीमा क्षेत्र में एफडीआई लाने के लिए पुराने गतिरोधों को दूर कर संबंधित बिल पारित कराना इन्हीं में से एक है।

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