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हिमाचलः लांछनों में दब गया महंगाई डायन का दर्द

Thu, 25 Oct 2012 11:32 AM IST
राजेश मंढोत्रा/शिमला
राजेश मंढोत्रा/शिमला Updated Thu, 25 Oct 2012 11:32 AM IST
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inflation is not a issue in himachal election

हिमाचल में चुनाव से ठीक पहले जब पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े और रसोई गैस सिलेंडर पर सीलिंग लगी, तो संभावना थी कि इस बार प्रचार में महंगाई डायन रंग दिखाएगी, लेकिन व्यक्तिगत लांछन की राजनीति में महंगाई का अहम मुद्दा गायब हो गया। एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के दाग लगाने की होड़ में जनता के बाकी असल मुद्दों पर भी कोई प्रत्याशी बात नहीं करता। भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनाव प्रचार महज धूमल बनाम वीरभद्र होकर रह गया है।

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चुनावी भाषणों से लेकर नेताओं के बयानों तक सब एक नेता पर केंद्रित है। चुनाव का ऐलान होते ही हिमाचल भाजपा ने कहा था कि वह धूमल सरकार के पांच साल के काम और केंद्र सरकार के भेदभाव को चुनावी मुद्दा बनाएगी। महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाने के केंद्र सरकार के रवैये को भी लोगों के सामने रखेगी। दूसरी ओर कांग्रेस ने चुनाव से पहले भाजपा सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति को आरोप पत्र सौंपी थी। अब कांग्रेस उस आरोप पत्र के आरोपों को भी जैसे भूल गई है।
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आम आदमी के लिए महंगाई सबसे बड़ी चिंता का मुद्दा है। राज्य में यदि डिपो का सस्ता राशन न हो तो आम आदमी के लिए दो वक्त की रोटी मुश्किल हो जाए। रसोई गैस सिलेंडर पर हर रोज बदलते नियमों के कारण हर रसोई की दिक्कत बढ़ी है। चुनाव प्रचार में महंगाई जैसा अहम मुद्दा भी परदे के पीछे है। भाजपा की चुनाव रैलियों में भी महंगाई और रसोई गैस की समस्या पर बयान नहीं आते।
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हिमाचल जैसे राज्य के लिए पर्यावरण, बेरोजगारी, सड़क एवं परिवहन, रिटेंशन पालिसी, स्वास्थ्य, उद्योग जैसे संवेदनशील क्षेत्र हैं। कर्मचारी, पेंशनर और युवा नजर लगाए बैठे हैं कि चुनाव में कौन सा दल उनके मुद्दों की बात कर रहा है लेकिन उन्हें निराशा दिख रही है। दोनों प्रमुख दलों ने अपने घोषणापत्रों में इन मसलों को जिक्र तो किया लेकिन लोगों के बीच प्रचार से दूर हैं।

पिछले तीन सप्ताह से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों पर पूरी भाजपा उनको निशाना बना रही है। दूसरी ओर वीरभद्र सिंह सारा दोष मुख्यमंत्री धूमल पर मढ़ रहे हैं। नए जनादेश के लिए हो रहे विधानसभा चुनाव महज दो नेताओं के बीच निजी आरोपी की जंग बन गए हैं। कांग्रेस के बाकी नेता चुप्पी साधे हुए हैं।

हम गैस सिलेंडर पर फोकस बनाए हुए हैं। इस मुद्दे का असर ज्यादा शहरी क्षेत्रों में है। बाकी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अपनी करतूतों का ठीकरा भाजपा नेताओं पर फोड़ना चाह रहे हैं, इसलिए जवाब देना पड़ रहा है।

-सतपाल सत्ती, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

भाजपा बौखलाहट में है। हार सामने दिख रही है, इसलिए वीरभद्र सिंह को निशाना बनाया जा रहा है। मतदान होने के बाद इन सभी साजिशों का सिलसिलेवार पर्दाफाश किया जाएगा।  
-सुधीर शर्मा, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस

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