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पासपोर्ट बनाने के लिए मांगा 'नवजात का क्रिमिनल रिकॉर्ड'

Tue, 07 May 2013 01:20 PM IST
नई दिल्ली, इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली, इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 07 May 2013 01:20 PM IST
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infant criminal record check for passport

सोचिए कि एक बच्चा जिसने चलना-बोलना भी न सीखा हो, उसके लिए कहा जाए कि एक शपथ पत्र दायर करिए कि बच्चे के नाम कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड या कोई केस कोर्ट में लंबित नहीं है।

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बिल्कुल ऐसा ही गाजियाबाद निवासी श्रीदेवी अय्यर के साथ उस समय हुआ जब उन्होंने अपने दस महीने के बेटे के पासपोर्ट के लिए अर्जी दी और उनसे बेटे का क्रिमिनल एफिडेफिट मांगा गया।
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श्रीदेवी अय्यर ने एक समाचार पत्र को बताया कि,"यह भयानक था। हम 21 फरवरी को गाजियाबाद पासपोर्ट सेवा केंद्र गए थे। हमने तत्काल में पासपोर्ट के लिए अर्जी दी थी। पासपोर्ट सेवा केंद्र ने हममे नोटरी से साइन किया हुआ एक स्टैंडर्ड एफिडेफिट मांगा जो साबित करता हो कि बच्चे के नाम कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है।"
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श्रीदेवी और उनके पति 22 फरवरी को एक बार फिर पासपोर्ट सेवा केंद्र गए, पर उन्हें फिर वापस लौटा दिया गया।

श्रीदेवी अय्यर ने बताया,"हमसे कहा गया कि हमें एक वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी बनवाना होगा। ये दोनों ही डॉक्यूमेंट किसी माइनर के पासपोर्ट के दस्तावेजों की लिस्ट में नहीं थे। जब हमने पूछा कि इसके बारे में कोई जानकारी वेबसाइट पर क्यों नहीं दी गई है, तो हमें जवाब मिला कि वेबसाइट ठीक तरह से अपडेट नहीं होती है।"

उन्होंने बताया कि तीसरी बार 1 मार्च को पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंचकर उन्होंने पासपोर्ट की अर्जी दी। उनसे कहा गया कि उन्हें एक हफ्ते के भीतर पासपोर्ट मिल जाएगा।

कई दिन बाद तक भी पासपोर्ट के न आने पर जब श्रीदेवी अय्यर एक बार फिर कार्यालय पहुंची तो उनसे कहा गया कि वेरिफिकेशन पेंडिंग था। सरकते-सरकते आखिर में श्रीदेवी अय्यर को 10 अप्रैल यानी पासपोर्ट की अर्जी दायर करने के 50 दिन बाद अपना पासपोर्ट मिला।


इस मामले पर चीफ पासपोर्ट ऑफिसर मुक्तेश कुमार ने कहा कि,"जो दस्तावेज अनिवार्य नहीं है उन्हें सिर्फ विशेष परिस्थितियों में मांगा जाता है। यदि आपको लग रहा है कि आपको बेवजह परेशान किया जा रहा है तो आप इसकी शिकायत भी दर्ज करवा सकते हैं।"

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