गोलाबारी के बाद पाक को एक मौका और देगी सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने के बाद पाकिस्तान के साथ ठप पड़ चुके रिश्तों में रवानगी लाने की कोशिश में है। शनिवार को रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने पाकिस्तान के साथ संबंध ठीक करने के लिए बैक चैनल से कोशिशों का संकेत दिया।
एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पाक के साथ संबंधों की नई शुरुआत की मंशा जताई थी। हालांकि जेटली ने सीमा पर पाकिस्तान की हरकतों को इन रिश्तों का सबसे बड़ा बाधक भी बताया।
भारत ने अपनी ताजा कोशिशों के साथ पाकिस्तान को दो टूक संदेश दे दिया है कि अगर वह सीमा पर संघर्ष विराम करार का पालन नहीं करता तो संबंध में सुधार की भी उम्मीद नहीं करे।
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने बताया कि यही वजह है कि इस हफ्ते दोनों देशों के मिलिट्री ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) की बातचीत के बाद सीमा पर अपेक्षाकृत शांति है।
'सेना माकूल जवाब दे रही है'
गौरतलब है कि दिल्ली में अलगाववादी नेताओं के साथ पाक उच्चायुक्त की मुलाकात के चलते भारत ने सचिव स्तर की होने वाली वार्ता को अचानक रद्द कर दिया था। जेटली ने पूछे गए सवाल पर कहा कि सीमा पर बीएसएफ और सेना पाकिस्तान को माकूल जवाब दे रहे हैं।
साथ ही पड़ोसी के साथ संबंध सुधारने की कोशिशें भी जारी हैं। जेटली ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार किया जा रहा संघर्ष विराम करार का उल्लंघन काफी गंभीर और उकसाने वाला है।
पाकिस्तान की यह हरकत शांति वार्ता में किसी तरह सहायक नहीं होगी। जेटली के मुताबिक दोनों देशों के डीजीएमओ की इस हफ्ते हुई वार्ता के बाद संबंध में सुधार आने के आसार दिख रहे हैं।