वार्ता से पहले भारत-पाक में कूटनीतिक जंग
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भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की बातचीत की तरह ही प्रस्तावित बीएसएफ-रेंजर्स महानिदेशक स्तर की बातचीत से पहले कूटनीतिक जंग की शुरुआत हो गई है।
दोनों देश इस बातचीत का भी ठीकरा एक दूसरे पर फोड़ने की कोशिश में जुट गए हैं। पाकिस्तान ने सभी द्विपक्षीय मुद्दों को एजेंडे में शामिल किए बिना भारत से किसी तरह की बातचीत से इनकार किया है।
जबकि भारत ने बातचीत होने की स्थिति में पाकिस्तान को घेरने के लिए सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ पर आक्रामक रुख अख्तियार करने की घोषणा की है। दिल्ली में बीएसएफ-रेंजर्स महानिदेशक स्तर की बातचीत के लिए भारत ने पाकिस्तान को 9 सितंबर से 13 सितंबर की तारीख दी है।
पाकिस्तान ने अब तक न्यौते का नहीं दिया है जवाब
हालांकि, पाकिस्तान ने अब तक भारत के इस प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया है। उल्लेखनीय है कि उफा में दोनों देशों की बीच बनी सहमति के तहत एनएसए, बीएसएफ-रेंजर्स महानिदेशक और डीजीएमओ स्तर की बातचीत होनी थी। इनमें सबसे पहले होने वाली एनएसए स्तर की वार्ता पाकिस्तान के हुर्रियत नेताओं से बातचीत की जिद पर अड़े होने के कारण रद्द हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शांति बहाली और घुसपैठ जैसे मुद्दे पर प्रस्तावित बीएसएफ-रेंजर्स महानिदेशक स्तर की बातचीत के लिए भारत ने अपनी ओर से प्रतिबद्धता जताई है।
लेकिन, पाकिस्तान ने प्रस्तावित तारीख पर हां भरने से पहले फिर से सभी द्विपक्षीय मुद्दों को बातचीत के एजेंडे में शामिल करने का राग छेड़ दिया है। एक उच्चपदस्थ सूत्र के मुताबिक भारत पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दाें पर बातचीत का इच्छुक है।
हालांकि शर्त इतनी है कि इन सभी मामलों में कोई तीसरा पक्ष नहीं होगा। एनएसए स्तर की बातचीत की तरह इस बातचीत का भी सारा दारोमदार पाकिस्तान पर है।